स्वस्थ शरीर : खुशहाल मन एवं निरोगी काया से ही आत्म कल्याण से राष्ट्र कल्याण संभव : योगाचार्य डॉ.विक्रम मेनारिया
उदयपुर. आहुति सेवा संस्थान के संस्थापक संचालक डॉ. विक्रम मेनारिया ने बताया कि आज के इस आपाधापी, कशम कशऔर प्रतिस्पर्धा के युग में महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग यम, नियम, आसन व प्राणायाम से आध्यात्मिक यात्रा प्रारंभ करके किस प्रकार धारणा, ध्यान एवं समाधि तक पहुंच सकते हैं.
इससे संबंधित उदयपुर की समस्त सरकारी गैर सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं में एक विशेष प्रकार की वर्कशॉप का आयोजन 9 मार्च 2025 से किया जाएगा. यह सारी कार्यशालाएं नि:शुल्क आयोजित की जाएगी और इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी स्वयं की जिम्मेदारी का निर्वहन करने के पश्चात किस प्रकार समाज एवं राष्ट्र के लिए अपनी भूमिका निभा सके इस विषय पर विस्तार से बताया जाएगा.
योग, आसन, प्राणायाम, ध्यान एवं व्यक्तित्व विकास की विविध तकनीकियों के माध्यम से उसके स्वयं के विकास के साथ-साथ समाज हित में अपनी भूमिका किस प्रकार निभा सके. इस तरह का वातावरण तैयार करके, राष्ट्र को पुनः परम वैभव तक पहुंच कर, पूरे विश्व में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने में आहुति संस्थान अपने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
डॉ. विक्रम मेनारिया
योगाचार्य, उदयपुर M. 7877555955
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