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मुम्बई

मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

📅 12 January 2025, 09:59 PM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई
मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

मुंबई. मुंबई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है।

जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था।

सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं।

AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

BMC ने क्या कहा?

बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।

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