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सरकार पर जियो ने बनाया दबाव : सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन पर विवाद

📅 07 November 2024, 01:02 AM ✍️ paliwalwani ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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सरकार पर जियो ने बनाया दबाव : सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन पर विवाद
सरकार पर जियो ने बनाया दबाव : सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन पर विवाद

सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन पर विवाद नहीं थम रहा है। इस मामले में रिलायंस जियो ने एक बार फिर से सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में रिलायंस जियो ने सुप्रीम कोर्ट के जज की राय का हवावा देकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से कहा है कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में सभी टेलिकॉम ऑपरेटर से सही से सलाह मशविरा करके कोई निर्णय लेना चाहिए, जिससे सैटेलाइट स्पेक्ट्रम में सभी प्लेयर को बराबरी का हिस्सा मिल सके। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एल नागेश्वर राव ने कहा है कि दूरसंचार अधिनियम की अनुसूची I में जरूरत के हिसाब से बदलाव किया जा सकता है।

क्या है मामला?

दरअसल सरकार ने जियो और एयरटेल की मांग को खारिज करते हुए सैटेलाइट स्पेक्ट्र आवंटन के लिए प्रशासनिक रास्ता चुना है, जबकि जियो और एयरटेल नीलामी के जरिए सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए एलन मस्क की राह चुनी है। दरअसल एलन मस्क लंबे वक्त से सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए प्रशासनिक तरीके की मांग कर रहे थे।

शहरी इलाकों में पहुंचेगा फास्ट इंटरनेट

इससे पहले जियो ने पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश केएसपी राधाकृष्णन की सलाह देते हुए कहा था कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के मामले में पारदर्शी तरीके के अपनाना चाहिए। साथ ही सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए मार्केट दरों पर स्पेक्ट्रम आवंटित करने की मांग की गई है। स्टारलिंक और अमेजन जैसी बड़ी सैटकॉम फर्मे ने शहरी इलाकों में सैटेलाइट सर्विस देने का प्लान बनाया है। रिपोर्ट की मानें, तो टेलिकॉम और दूर संचार कंपनियों के बीच की लड़ाई अच्छी है, क्योंकि सैटेलाइट कंपनियां और दूरसंचार कंपनियां की प्रतिस्पर्धा से मार्केट मजबूत बनेगा।

क्या है सैटेलाइट इंटरनेट

दरअसल मोबाइल टावर के बिना सीधे सैटेलाइट की मदद से इंटरनेट पहुंचाने के प्रॉसेस को सैटेलाइट इंटरनेट कहा जाता है। इस प्रॉसेस में एक रिसीवर की मदद से सीधे सैटेलाइट से कनेक्टिविटी ऑफर की जाती है। इसमें हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलती है। साथ ही किसी तरह की देरी नहीं होती है। 

सौरभ वर्मा

सौरभ वर्मा : सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर

"सौरभ वर्मा, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने ऑटो, टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदर रिपोर्ट पेश की हैं। 

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