Friday, 16 January 2026

इंदौर

मोदी सरकार का नया कारनामा

paliwalwani
मोदी सरकार का नया कारनामा
मोदी सरकार का नया कारनामा

राजेश जैन दद्दू 

इंदौर.

भाजपा केन्द्र सरकार का बहुत बड़ा कारनामा बहुत दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी हाल ही में कृषि  मंत्रालय भारत सरकार द्वारा FCO (Fertilizer Control Order) 1985 में संशोधन करते हुए 13 अगस्त 2025 को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से ऐसे प्रावधान जोड़े हैं जिनके तहत अब बायो-स्टिमुलैट में पशु आधारित अमीनो एसिड (Animal Source Amino Acid) को केन्द्र सरकार के कृषि मंत्रालय के मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैध कर दिया  है।

सरकार के गजट नोटिफिकेशन के आईटम नंबर 26 के अनुसार मछलियों के मांस और खाल से निकाले गये, प्रोटीन हाईड्रोलाईजेट को आलू की फसलों में फर्टिलाइजर के रूप में उपयोग करने की सलाह केन्द्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन में दी गई  है। इसी तरह आईटम 30 के अनुसार गाँजातीय/Bovine पशुओं के मांस और चमडे से प्राप्त किये गये पोटीन हाईडोलाईजेट को टमाटर की फसलों में फटिलाइजर के रुप में उपयोग करने की रिकमेंडेशन सलाह दी है।

राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने कहा कि  आलू और टमाटर ऐसी सब्जियां हैं जिनका शाकाहार में विश्वास करने वाली समाज द्वारा आलु और टमाटर का भरपूर उपयोग किया जाता है। दद्दू ने कहा कि भारत के केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं एक शाकाहारी व्यक्ति है और शुद्ध भोजन में विश्वास करते हैं। यह केसी भारत सरकार की दोहरी नीति  है कि आपके ही विभाग एवं मंत्रित्वकाल में कृषि को रक्तरंजित करने के आर्डर निकाले गये हैं? क्या आपकी अंतरात्मा ने इतना बड़ा गलत काम करने में आपको धिक्कारा नहीं?

जचकि फर्टिलाइजर के लिये आवश्यक अमीनो एसिड प्राकृतिक रूप से पौधों, दलहन, सोयाबीन, समुद्री शैवाल आदि से भी प्रास किए जा सकते हैं। गजट में लिखा भी है। इसके बावजूद भी, आपके मंत्रालय ने कत्लखानों एवं चमड़ा घरों से निकली गंदगी (हड्डियाँ, खून, चमडा, आंतरिक अवशेष आदि) से बने उत्पादों को कृषि क्षेत्र के उत्पादन में उपयोग करने की मंजूरी दी है, जो कि एक अक्षम्य कृत्य है।

आपके मंत्रालय का यह निंदनीय एवं भ्रष्ट कृत्य न सिर्फ शाकाहार में विश्वास करने वाली समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, बल्कि चुपके से भारतीय कृषि और खाद्य श्रृंखला में गौजातीय पशुओं के वेस्ट को उपयोग कराने का षड्यंत्र भी है।

स्लॉटर हाउस और मीट इंडस्ट्री के पास तो प्रतिदिन लाखों टन वेस्ट बचता है। अब इस वेस्ट को यो-स्टिमुलेंट के नाम पर केन्द्र सरकार फर्टिलाइजर में खपाने का रास्ता आपके मंत्रालय ने खोल दिया है, जिसका सीधा लाभ स्लॉटर हाउस लोंबी को होगा। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह निर्णय आपकी पार्टी और मीट लाची की मिली भगत का नतीजा है? आपके मंत्रालय के आर्डर की वजह से पशु स्रोत वाले उत्पाद खाद्य शृंखला में भी प्रवेश कर जाएंगे, जो करोड़ों शाकाहारी लोगों की धार्मिक आस्था और जीवनशैली के अधिकार (अनुच्छेद 21) का सरासर उल्लंघन है।

उपरोक्त निर्णय शाकाहार में विश्वास करने वाले हिंदू और भारत वर्षीय जैन समाज के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हम इस निंदनीय कृत की घोर निदा करते हैं और केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन मांग करते है कि कृषि और खाय सुरक्षा में स्लॉटर हाउस वेस्ट का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। दद्दू ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आप ने हमारी मांग नहीं मानी तो हमें इसके लिये जन आंदोलन करना पड़ेगा।

agrimin.india@gmail.com

CC: vpindia@nic.in

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