Sunday, 15 February 2026

उज्जैन

अब मकान खरीदना होगा महंगा! जानिये कितनी बढ़ने वाली हैं कीमतें? : कलेक्टर गाइड लाइन की दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव

paliwalwani
अब मकान खरीदना होगा महंगा! जानिये कितनी बढ़ने वाली हैं कीमतें? : कलेक्टर गाइड लाइन की दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव
अब मकान खरीदना होगा महंगा! जानिये कितनी बढ़ने वाली हैं कीमतें? : कलेक्टर गाइड लाइन की दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव

उज्जैन : आमतौर पर हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक मकान हो. जिसमें वह अपने परिवार के साथ हंसी खुशी से रह सके. मकान खरीदने या फिर जमीन लेकर मकान बनाने में इंसान अपनी जीवन भर की कमाई लगा देता है.

वहीं सरकार भी मकान बनाने के लिए सहायता देकर लोगों के सपने को पूरा करने का कार्य कर रही है. लेकिन उसके लिए भी आपके पास जमीन का होना अनिवार्य है. लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में अब जमीन और मकान खरीदना महंगा हो सकता है. जिसकी सिफारिश उप मूल्यांकन समिति ने की है.

उज्जैन की उप मूल्यांकन समिति ने जिला मूल्यांकन समिति को प्रस्ताव भेजा है. प्रस्ताव में उज्जैन के 20% ऐसे लोकेशन हैं जिनमें 30 से 40% कलेक्टर गाइड लाइन की दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है. जिला मूल्यांकन समिति से प्रस्ताव पास होने के बाद उसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति भोपाल को भेजा जाएगा.

जहां से मंजूरी मिलने के बाद नई दरों को लागू कर दिया जाएगा. प्रशासन को नए वित्तीय वर्ष 2024-2025 से नई दरों के लागू होने का भरोसा है. बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांत में पुनरीक्षण नियम 2018 के नियम 43 के तहत किया जा रहा है.

20% लोकेशन के लिए यह नियम लागू होगा. जिसमें दरों को समान किया जाएगा. महिदपुर तहसील में दरें अन्य की अपेक्षा कम हैं. प्रशासन द्वारा दरों को एक समान करने पर विचार विमर्श किया जा रहा है.

उज्जैन की वरिष्ठ जिला पंजीयक अधिकारी रितंभरा द्ववेदी ने बताया उप मूल्यांकन समिति के प्रस्ताव को जिला मूल्यांकन समित में विचार किया जाएगा. उसके बाद उसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति भोपाल में भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद नई दरों को लागू कर दिया जाएगा. 31 मार्च 2024 से पहले मंजूरी मिलने की उम्मीद है.

 प्रापर्टी कारोबारी व सर्विस प्रोवाइडरों में हड़कंप 

जिला मूल्यांकन समिति द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में गाइड लाइन बढ़ाने की अनुशंसा के बाद बिल्डर व सर्विस प्रोवाइडरों में हड़कंप मच गया है. इनका कहना है कि भोपाल मुख्यालय ने समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति की मुहर लगा दी, तो लोगों को रजिस्ट्री कराना महंगा पड़ेगा. जानकारों के अनुसार मुख्यालय पूरे प्रदेश में एक जैसी ही बढ़ोतरी करेगा. गाइडलाइन बढ़ाने की अनुशंसा से प्रापर्टी कारोबारी व सर्विस प्रोवाइडरों में हड़कंप मचा हुआ है. इनका कहना है कि कोरोना काल में पहले ही मंदी का दौर चल रहा है. रजिस्ट्री बढ़ने से प्रापर्टी कारोबार औंधे मुंह गिर जाएगा. 

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News
Trending News