Wednesday, 11 March 2026

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ईरान में ‘ब्लैक रेन’ से लोगों में दहशत : गाड़ियां, दीवारें… सब हो गया काला : WHO ने जारी की चेतावनी

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ईरान में ‘ब्लैक रेन’ से लोगों में दहशत : गाड़ियां, दीवारें… सब हो गया काला : WHO ने जारी की चेतावनी
ईरान में ‘ब्लैक रेन’ से लोगों में दहशत : गाड़ियां, दीवारें… सब हो गया काला : WHO ने जारी की चेतावनी

ईरान.

ईरान की राजधानी तेहरान में इन दिनों एक अजीब और डराने वाली घटना देखने को मिली है. यहां हाल ही में ‘ब्लैक रेन’ यानी काली बारिश हुई है, जिसे लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है. ये कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ईरान-इजरायल में छिड़े युद्ध का नतीजा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस घटना को लेकर चेतावनी जारी की है और कहा है कि ये बारिश इंसानों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल में हुए हमलों के बाद तेहरान के कई तेल डिपो और फ्यूल स्टोरेज सेंटर्स में भीषण आग लग गई.

इस आग से भारी मात्रा में जहरीला धुआं और रासायनिक कण हवा में फैल गए. जब ये धुआं बादलों के साथ मिल गया तो बारिश की बूंदों में तेल और प्रदूषण के कण मिल गए, जिससे बारिश का रंग काला दिखाई देने लगा. कई जगहों पर लोगों ने बताया कि बारिश के बाद उनकी कारों, बालकनी और दीवारों पर काले तेल जैसे धब्बे दिखाई दिए. इस वजह से इसे ‘ऑयली रेन’ या ‘ब्लैक रेन’ कहा जा रहा है.

सेहत के लिए कितना खतरनाक?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इस तरह की बारिश में जहरीले रसायन जैसे हाइड्रोकार्बन, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन कंपाउंड्स मौजूद हो सकते हैं. ये तत्व सांस की बीमारी, त्वचा में जलन, आंखों में खुजली और सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं.

लंबे समय तक संपर्क में रहने पर कैंसर और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. स्थानीय अधिकारियों और रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने लोगों को सलाह दी है कि वो बारिश के दौरान और उसके तुरंत बाद बाहर निकलने से बचें. साथ ही खुले भोजन को ढककर रखें और मास्क का इस्तेमाल करें.

लोगों में दहशत का माहौल?

तेहरान में कई इलाकों में आसमान काले धुएं से ढक गया और दिन में भी आसमान में अंधेरा छा गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि हवा में तेज गंध और धुआं महसूस हो रहा है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि असली खतरा सिर्फ काली बारिश नहीं बल्कि हवा में फैला जहरीला धुआं है, जो लंबे समय तक पर्यावरण और लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर मौसम साफ रहता है और हवा की दिशा बदलती है तो प्रदूषण धीरे-धीरे कम हो सकता है. लेकिन अगर आग और धुआं जारी रहता है तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

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