इंदौर
मध्य प्रदेश में बस ऑपरेटर्स की मांग : 2.50 रुपये तक बढ़ाया जाए किराया : बसों का संचालन बंद कर हड़ताल करने पर मजबूर-चेतावनी
paliwalwani
- 5 सालों से घाटे में चल रहा कारोबार, 2.50 रुपए प्रति किमी बस किराया बढ़ाया, 7 दिन में फैसला नहीं तो हड़ताल
इंदौर. पेट्राल-डीजल के रेट बढ़ने का असर जहां सब्जियों से लेकर किराना सामान तक नजर आने लगा है, वहीं अब बसों का किराया बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है। मध्य प्रदेश में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने सरकार ने किराया 2.50 रुपये तक बढ़ाने की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने डीजल के रेट 8 रुपये बढ़ने का तर्क दिया है। उनका कहना है कि पहले 5 किमी का किराया 14 रुपये रखा जाए और फिर प्रति किमी ढाई रुपये किया जाए।
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि डीजल के रेट लगातार बढ़ने की वजह उन्हें वर्तमान के किराए में बस चलाना मुश्किल हो जरा है। जो कमाई हो रही है उसमें बसों का मेंटेनेंस कराएं या घर चलाएं। बसों का मेंटेनेंस ना होना यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। इनका कहना है कि करीब 5 साल से बसों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस बीच डीजल के रेट लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
- मंत्री से इस बारे में जल्द फैसला लेने का अनुरोध : मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और विभाग के अन्य बड़े अधिकारियों से मिलकर बस किराया बढ़ाने की मांग रखी है। उन्होंने मंत्री से इस बारे में जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है। बस ऑपरेटर्स के अनुसार 2021 में सरकार ने प्रति किमी किराया 1.25 रुपये किया था। उस समय भी बस ऑपरेटर्स की मांग के अनुसार किराया नहीं बढ़ाया गया था।
पांच साल के अंदर डीजल सहित बसों में मेंटेनेंस में उपयोग होने वाले हर सामान टायर, ट्यूब, इंजन ऑइल और अन्य पार्ट्स के दाम बढ़ चुके हैं। ऐसे में किराया बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है। ऑपरेटर्स ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर किराया बढ़ाने पर जल्द फैसला नहीं लिया जाता तो वे बसों की हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। लगातार बढ़ते डीजल के रेट और किराया ना बढ़ने से उन्हें नुकसान हो रहा है।
- सुरक्षा से समझौता नहीं : बस संचालकों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन आर्थिक दबाव के कारण वाहन रखरखाव पर असर पड़ रहा है। इससे सुरक्षित संचालन प्रभावित हो सकता है। एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन और सुरेंद्र तनवानी के अनुसार मई में डीजल के दाम चार बार बढ़े, जिससे संचालन लागत और बढ़ गई है। ऑपरेटरों ने सरकार से सामान्य बसों का न्यूनतम किराया पहले 5 किमी के लिए 14 रुपए तथा इसके बाद 2.50 रुपए प्रति किमी करने की मांग की है।
- हड़ताल करने मजबूर होंगे : एसोसिएशन ने चेतावनी भी दी है कि यदि 7 दिनों में किराया वृद्धि पर निर्णय नहीं लिया गया तो बस संचालक सामूहिक रूप से बसों का संचालन बंद कर हड़ताल करने पर मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि प्रदेशभर के हजारों बस ऑपरेटर लंबे समय से नुकसान झेल रहे हैं।





