इंदौर
पालीवाल समाज इंदौर के चुनाव में सुस्ती छाई : नए प्रत्याशियों ने सबको चौंकाया...जीतने का दावा दोनो की ओर से
Anil Bagora-Sunil Paliwal
अनिल बागोरा-सुनील पालीवाल
इंदौर. पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर के चुनाव को लेकर जिस अंदाज में कायस लगाए जा रहे थे, उसको देखते हुए चुनाव को लेकर समाज सदस्यों में ना कोई उत्साह दिखाई दिया ना ही उमंग...हां इतना जरूर है कि सोशल मीडिया का सारा सभी दावेदार कर रहे हैं.
आम तौर देखा जाए तो चुनाव तो एक बहाना हैं, सेवादारों को काम करना होता तो कई मौके आए, तब समाज सेवा के प्रति समर्पित रहते तो आज समाज में किसी बात की कोई कमी नजर नहीं आती...चुनाव आते-जाते हैं, वक्त केवल इंतजार करता हैं, कब आपने जरूरतमंद साथियों की मदद की.
वैसे भी चुनाव को लेकर समाज में किसी भी प्रकार की हलचल दिखाई नहीं दे रही हैं, केवल दावेदार अपनी मजबुती के लिए द्वार-द्वार पहुंच रहे...ऐसे में कई सदस्यों ने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याक्षियों ने पूछा भी है कि आप लोगों ने हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में चिंता क्यों नहीं की. करारा जबाब मिलने के बाद दावेदार यह कहते हुए पाए गए कि हमें एक बार मौका दो...हम सारे विकास के द्वार खोल देगे.
इतना जरूर है कि वर्तमान प्रबंध कार्यकारिणी अपने कामों के बल पर चुनाव मैदान में जोरदार तरीके से वापसी करने में लगी हुई है, वहीं विपक्ष भी पूरानी हार को जीत में बदलने के लिए भरपूर कोशिश कर रहा हैं.
चुनाव जीतने के लिए दोनो दलों ने पहली बार नए दावेदार मैदान में उतार कर सबको चौंका दिया. श्री सवंरिया पैनल से सर्वश्री राजेश पिता रमेशचंद्र जी पुरोहित (बड़ा भाणुजा), महेश पिता प्रेमनारायण जी जोशी (ब्राह्मण टुंकड़ा), भगवती पिता हीरालाल जी पुरोहित (अरनिया जोशी), जगदीश पिता गोपीलाल जी दवे (ब्राह्मण टुंकड़ा), नरेन्द्र पिता भीमशंकर जी बागोरा (पिपरड़ा), कमलेश पिता मांगीलाल जी बागोरा (खटमला), कमलेश पिता मांगीलाल जी बागोरा (खटमला), विजय पिता यशवंत जी जोशी सहित पुराने चेहरे मैदान में अपना भाग्य अजमा रहे हैं.
श्री चारभुजा नाथ जी सेवा मंड़ल की ओर से सर्वश्री राजेश पिता बंशीलाल जी जोशी (बिजनोल), सुरेश पिता किशोरीलाल जी जोशी (सालेरा), सतीश पिता राधाकिशन जी बागोरा (सुंदरचा), सुरेश पिता गणेशलाल जी पुरोहित (बडा भाणुजा) ने भी चुनाव लड़कर सबको चौंका दिया.
वैसे भी देखा जाए तो सभी दावेदार चुनाव जीतने के लिए भरपूर कोशिश कर रहे है, लेकिन श्री चारभुजानाथ जी केवल 21 प्रत्याक्षियों को ही अपना आशीर्वाद प्रदान करेगें. शेष बचे हुए प्रत्याक्षियों से अनुरोध है कि हार से निराश मत होना और जब भी समाज में विकास की चर्चा होतो उसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान देना....क्योकि हार और जीत तो जीवन का एक हिस्सा हैं. शेष चुनाव की चर्चा होती रहेंगी.







