देश के वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने "कहां तुम चले गए " पुस्तक डॉ हरीश भल्ला को भेंट की
रतलाम : हिंदुस्तान की आजादी के साथ एक राजस्थानी सीख बच्चे का सफर शुरू हुआ उसकी सांसो में सरगम उठती है उसके शबद और कीर्तन सुनने को रूहानियत से भरे लोक में ले जाते जब वह पक्की रागदारी में गुरुवाणी का संदेश श्रद्धालु तक पहुंचा था तो वह बालक जगमोहन के चेहरे पर एक तेज देखते उसके गुरु ने कहा यह जग को जीतेगा यही बालक सरदार जगमोहन नौजवान हुआ तो अपने सुरों को शक्ल देते हुए संकल्प, समर्पण और संगीत साधना के बल पर गजल सम्राट बन बैठा जिसे हम जगजीत सिंह के नाम से जानते हैं उसने ग़ज़ल को महफिलों से निकालकर घर घर पहुंचा दिया।
जगजीत सिंह के सफर की समूची दास्तान जिसे शायद ही कोई जानता हो इस बेजोड़ कलाकार की जीवन कथा वह है जो आप पहली बार जानेंगे वह दासता जो अब तक सामने नहीं आई,वह प्रसंग जो स्वयं जगजीत जगजीत सिंह ने सुनाएं। जगजीत सिंह की कहानी देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, फिल्म निर्माता निदेशक राजेश बादल ने नई दिल्ली में स्थित जावरा हाउस जाकर डॉक्टर हरीश भल्ला को अपनी किताब "कहां तुम चले गए "भेंट की । इस किताब का लोकार्पण अति शीघ्र नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में होगा।
पालीवाल वाणी न्यूज़ : जगदीश राठौर...✍️
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