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इंदौर नगर निगम के “जादूगरों” का कमाल...? : कंगाल निगम, फिर भी लाखों फिजूल खर्च
paliwalwani
इंदौर.
इंदौर नगर निगम के “जादूगरों” का कमाल...? जिस शास्त्री ब्रिज को तोड़ने की तैयारी चल रही है, वहां पर पेवर ब्लॉक लगाने की तैयारी शुरू हो गई। ये कमाल सिर्फ इंदौर में ही संभव है, जिस शास्त्री ब्रिज तोड़ने की तैयारी के बीच पेवर ब्लॉक पर लाखों खर्च।
इंदौर नगर निगम एक बार फिर अपने निर्णयों को लेकर सवालों के घेरे में है। शहर की लाइफ लाइन कहलाने वाले शास्त्री ब्रिज को तोड़ने की योजना पर मौक़ा-मुआयना किए जाने की चर्चा के बीच, उसी ब्रिज पर लाखों रुपये खर्च कर ब्लॉक लगाने का कार्य शुरू किए जाने की तस्वीर सामने आई है।
जब किसी संरचना को हटाने या पुनर्निर्माण की योजना पर विचार चल रहा हो, तो उस पर नए सिरे से खर्च किया जाना स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करता है। यदि ब्रिज को तोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़नी है, तो फिर हालिया खर्च का औचित्य क्या है?
कंगाल निगम, फिर भी लाखों फिजूल खर्च
निगम की वित्तीय स्थिति किसी से छिपी नहीं है। बजट दबाव, लंबित देनदारियां और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी की बात अक्सर सामने आती रही है। ऐसे में यह प्रश्न और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या ब्लॉक लगाने का कार्य अत्यावश्यक था? क्या यह निर्णय तकनीकी रूप से उचित ठहराया गया है? यदि ब्रिज तोड़ा जाना है, तो हालिया खर्च का उपयोग क्या होगा? क्या यह कार्य किसी विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तो नहीं किया गया?





