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इंदौर

फर्जी दस्तावेजों पर 40 लाख का लोन देने के आरोपी केनरा बैंक मैनेजर चंद्रशेखर पचौरी और राममोहन अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

📅 17 February 2026, 12:22 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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फर्जी दस्तावेजों पर 40 लाख का लोन देने के आरोपी केनरा बैंक मैनेजर चंद्रशेखर पचौरी और राममोहन अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
फर्जी दस्तावेजों पर 40 लाख का लोन देने के आरोपी केनरा बैंक मैनेजर चंद्रशेखर पचौरी और राममोहन अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

इंदौर.

30 जनवरी 2026 को राज्य आर्थिक अपराध शाखा ( EOW) इंदौर ने आनंद शिवानंद उप महाप्रबंधक केनरा बैंक इंदौर के द्वारा लिखित शिकायती आवेदन जिसमें प्लॉट के फर्जी दस्तावेजों को गिरवी रखकर केनरा बैंक नंदानगर ब्रांच से आरोपी व्यापारी चंद्रशेखर पचौरी, राममोहन पिता सूरजभान अग्रवाल ने केनरा बैंक नंदानगर के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर जतिन पिता घनश्याम दास गुप्ता, क्रेडिट मैनेजर कमलेश दरवानी, दस्तावेजों की वैधानिकता को सत्यापित करने वाले बैंक के मान्यता प्राप्त वकील और शांता मार्केटिंग के साथ षड्यंत्र और मिलीभगत करके 40 लाख रुपए लोन के माध्यम से हड़पने के आरोप में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों और छल की गैर जमानती धाराओं में ऍफ़ आई आर दर्ज की थी।

11 फरवरी 2026 को इंदौर सेशन न्यायालय के न्यायाधीश डॉ अबरार शेख ने केनरा बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर जतिन गुप्ता के द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

वही दिनांक 6 फरवरी को सह आरोपी राममोहन पिता स्वर्गीय सूरजभान अग्रवाल निवासी विजय नगर की भी सेशन न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।

आरोपी व्यवसायी चन्द्रशेखर पचौरी ने जय शिव एंड कंपनी के नाम से केनरा बैंक नंदानगर में जय शिव एंड कंपनी के नाम से खाता खोला और 1 महीने के अंदर सह आरोपी राममोहन अग्रवाल को" को एप्लीकेंट" बनाकर राममोहन अग्रवाल के नाम से जिस संपत्ति के दस्तावेज बैंक में बंधक बताया वह एक खाली प्लॉट था जबकि उस प्लॉट पर पहले ही एक बहुमंजिला इमारत बनाकर फ्लैट और दुकानें वर्षों पहले बेची जा चुकी थी!!

जब EOW ने पूरे फर्जीवाड़े की जांच की तो पाया कि बैंक कर्मचारियों, और बैंक के वकील द्वारा संपत्ति का भौतिक सत्यापन गलत तरीके से किया गया, गलत सत्यापन रिपोर्ट पेश की गई।

तत्कालीन शाखा प्रबंधक जतिन गुप्ता और क्रेडिट मैनेजर कमलेश दरवानी ने प्लॉट की जगह बहुमंजिला भवन होने के बावजूद दस्तावेजों में इसे छिपाते हुए 40 लाख का लोन डी डी शांता मार्केटिंग के नाम से जारी कर दिया। मशीनों के लिए लोन लेने की कोटेशन शांता मार्केटिंग की थी, इसके प्रोपराइटर को भी आरोपी बनाया गया है।

  • @प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
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