मध्य प्रदेश
स्टाफ नर्सों की कार्यमुक्ति पर, उच्च न्यायालय जबलपुर का स्टे
paliwalwani
जबलपुर.
कुमारी बबीता रैदास, एवं प्रीति बैंस, स्टाफ नर्स के पद पर, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल, छिंदवाड़ा में पदस्थ हैं। 05/07/2019 को दोनों ही कर्मचारियों का ट्रांसफर, क्रमशः प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भटका खापा एवं सिविल हॉस्पिटल, हर्राई किया गया था। लेकिन, दिनांक 03/09/2019 को ट्रांसफर आदेश निरस्त कर दिया गया था। तबसे, दोनों ही स्टॉफ नर्स, जिला हॉस्पिटल, छिंदवाड़ा में पदस्थ हैं। परंतु, उनका वेतन, स्थानांतरित स्थान के विरुद्ध ही प्राप्त हो रहा था।
परंतु, अचानक दिनांक 31/07/25 को , मुख्य स्वास्थ्य एवम् चिकित्सा अधिकारी, छिंदवाड़ा द्वारा, उन्हें, भटका खापा एवं हरराई के लिए, यह कहते कार्यमुक्त कर दिया गया था कि उनका मूल पदस्थापना स्थल वही है। जबकि, ट्रांसफर आदेश दिनांक 31/07/25, पहले ही निरस्त हो चुका है। दिनांक 04/11/25 को मुख्य स्वास्थ्य एवम् चिकित्सा अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा पुनः कार्यमुक्त किए जाने के आदेश जारी किए गए थे।
रिलीविंग आदेश दिनांक 31/07/25 को दोनों ही महिला कर्मचारियों द्वारा, उच्च न्यायालय जबलपुर में चुनौती दी गई थी। उनकी ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर के वकील श्री अमित चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय जबलपुर को बताया कि, कर्मचारियों को मूल पदस्थापना स्थल, जिला हॉस्पिटल, छिंदवाड़ा है। पूर्व में जारी ट्रांसफर आदेश, पहले ही निरस्त हो चुका है।
अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी के अनुसार, कर्मचारी की वेतन व्यवस्था, भटका खापा एवं हरराई से किया जाना, विभाग की गलती है। बिना नियमित ट्रांसफर के याचिका कर्ताओं की रिलीविंग विधि विरुद्ध है। सुनवाई के बाद, उच्च न्यायालय की सिंगल बैंच ने रिलीविंग आदेश, 31/07/25 को स्टे कर, विभाग से जवाब तलब किया है। ट्रांसफर प्रकरण में , स्टॉफ नर्सों, की ओर से उच्च न्यायालय, जबलपुर के अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी ने पैरवी की।
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