वसुंधरा राजे के साथ खेला हो गया...समर्थकों को लगा बड़ा झटका
जयपुर :
वसुंधरा के किसी समर्थक को भी इन कमेटियों में जगह नहीं मिली है. इसके उलट घनश्याम तिवाड़ी और डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा जैसे नेताओं को शामिल किया गया है, जो वसुंधरा राजे के घोर विरोधी माने जाते हैं. ये वही नेता हैं जो एक समय वसुंधरा राजे की वजह से बीजेपी छोड़कर चले गए थे. हालांकि, अभी कैंपेन कमेटी की घोषणा बाकी है, लेकिन इन दो कमेटियों से वसुंधरा का पत्ता कटने के बाद राजस्थान के राजनीतिक गलियारे में सुगबुगाहट तेज हो गई है. सवाल उठने लगे हैं कि क्या राजस्थान की सियासत में वसुंधरा राजे के साथ खेल हो गया? क्या बीजेपी ने मुख्यमंत्री पद की सबसे बड़ी दावेदार वसुंधरा को साइडलाइन कर दिया?
बीजेपी ने राज्य में चुनाव प्रबंधन समिति और संकल्प पत्र समिति में रखे गए लोगों के नामों का ऐलान कर दिया है. बीजेपी की ओर से यह लिस्ट ऐसे समय में जारी हुई है जब बीते दिनों नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी. पार्टी की प्रदेश संकल्प पत्र समिति में एक केंद्रीय मंत्री को रखा गया है, जबकि 2 सांसदों को भी शामिल किया गया है. लेकिन 25 सदस्यीय संकल्प पत्र समिति में वसुंधरा का नाम नहीं है.
प्रदेश संकल्प पत्र समिति में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल संयोजक की भूमिका में होंगे. जबकि 7 लोगों को सह-संयोजक बनाया गया है. सह संयोजक बनने वालों में दो राज्यसभा सांसदों (घनश्याम तिवारी और किरोड़ी लाल मीणा) के अलावा अल्का सिंह गुर्जर, राजेंद्र सिंह, सुभाष महेरिया, प्रभुलाल सैना और राखी राठौड़ को रखा गया है.
बीजेपी की राजस्थान इकाई ने संकल्प पत्र समिति के अलावा ‘प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति’ का भी ऐलान कर दिया है, खास बात यह है कि इस समिति में भी वसुंधरा राजे का नाम नदारद है. 21 सदस्यीय इस चुनाव प्रबंधन समिति में प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद नारायण पंचारिया को संयोजक बनाया गया है. 6 लोगों को सह-संयोजक बनाया गया है. इसमें ओंकार सिंह लखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौर, भजनलाल शर्मा, दामोदर अग्रवाल, सीएम मीणा और कन्हैयालाल बैरवाल को संह संयोजक बनाया गया है.
वसुंधरा राजे को बीजेपी की चुनाव से जुड़ी इन दो समितियों में शामिल नहीं जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वसुंधरा राजे सिंधिया हमारे पार्टी की बहुत वरिष्ठ नेता हैं. उनको हमने कई कार्यक्रम में शामिल भी किया है और आगे भी कई कार्यक्रम में शामिल करते रहेंगे.
बीजेपी की राजस्थान इकाई ने संकल्प पत्र समिति के अलावा ‘प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति’ का भी ऐलान कर दिया है, खास बात यह है कि इस समिति में भी वसुंधरा राजे का नाम नदारद है. 21 सदस्यीय इस चुनाव प्रबंधन समिति में प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद नारायण पंचारिया को संयोजक बनाया गया है. 6 लोगों को सह-संयोजक बनाया गया है. इसमें ओंकार सिंह लखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौर, भजनलाल शर्मा, दामोदर अग्रवाल, सीएम मीणा और कन्हैयालाल बैरवाल को संह संयोजक बनाया गया है.
वसुंधरा राजे को बीजेपी की चुनाव से जुड़ी इन दो समितियों में शामिल नहीं जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वसुंधरा राजे सिंधिया हमारे पार्टी की बहुत वरिष्ठ नेता हैं. उनको हमने कई कार्यक्रम में शामिल भी किया है और आगे भी कई कार्यक्रम में शामिल करते रहेंगे.
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