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राजस्थान में ‘डिस्टर्ल्ड एरिया’ कानून को कैबिनेट की मंजूरी : बिना अनुमति संपत्ति सौदे पर रोक

📅 21 January 2026, 08:41 PM ✍️ paliwalwani ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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राजस्थान में ‘डिस्टर्ल्ड एरिया’ कानून को कैबिनेट की मंजूरी : बिना अनुमति संपत्ति सौदे पर रोक
राजस्थान में ‘डिस्टर्ल्ड एरिया’ कानून को कैबिनेट की मंजूरी : बिना अनुमति संपत्ति सौदे पर रोक

जयपुर.

  • राजस्थान सरकार ने जनसांख्यिक बदलाव और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को ध्यान में रखते हुए एक अहम कानून को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया, कि राज्य के कुछ संवेदनशील इलाकों को ‘डिस्टर्ब्ड एरिया’ यानी अशांत क्षेत्र घोषित किया जा सकेगा.
  • ऐसे इलाकों में सरकार की अनुमति के बिना जमीन, मकान या अन्य संपत्ति की खरीद-फरोख्त नहीं हो पाएगी. सरकार इस विधेयक को आगामी बजट सत्र में राजस्थान विधानसभा में पेश करेगी. इस कानून का नाम "राजस्थान अशांत क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक और किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण विधेयक, 2026" रखा गया है.

    विधेयक में नियम तोड़ने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है, बिना अनुमति संपत्ति का लेन-देन करने पर 3 से 5 साल तक की जेल हो सकती है. ये अपराध गैर-जमानती होंगे, यानी आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी. कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने इस विधेयक को जरूरी और जनहित में बताया.

    जनसांख्यिक बदलाव और बढ़ते तनाव को लेकर सरकार की चिंता

    कैबिनेट बैठक के बाद कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों से जनसांख्यिक असंतुलन, सांप्रदायिक तनाव, दंगे, भीड़ हिंसा और कानून-व्यवस्था की समस्याएं सामने आ रही हैं. उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में एक खास समुदाय की आबादी तेजी से बढ़ने और लगातार तनाव की घटनाओं के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं.

    पटेल के अनुसार, ऐसे माहौल में कई पुराने निवासी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं और मजबूरी में अपनी संपत्तियां बहुत कम कीमत पर बेच देते हैं. सरकार का मानना है कि इससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है और आपसी विश्वास पर असर पड़ता है. इन्हीं कारणों से लंबे समय से इस तरह के कानून की मांग की जा रही थी.

    डिस्टर्ब्ड एरिया घोषित होने के बाद क्या होंगे प्रावधान

  • कानून मंत्री ने बताया कि यह विधेयक सरकार को यह अधिकार देता है कि वह हिंसा, दंगे, भीड़ उपद्रव या अव्यवस्थित बसावट से प्रभावित इलाकों को डिस्टर्ब्ड एरिया घोषित कर सके. एक बार किसी क्षेत्र को अशांत घोषित कर दिया गया, तो वहां बिना अनुमति किसी भी तरह का संपत्ति हस्तांतरण अपने-आप अमान्य माना जाएगा.
  • अगर कोई व्यक्ति ऐसे इलाके में संपत्ति खरीदना या बेचना चाहता है, तो उसे पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी. आमतौर पर यह अनुमति जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दी जाएगी. सरकार किसी भी इलाके को अधिकतम तीन साल के लिए डिस्टर्ब्ड एरिया घोषित कर सकेगी और हालात के अनुसार इस अवधि को घटाया या बढ़ाया भी जा सकेगा.

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