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अपराध

फर्जी डिजिटल सिग्नेचर एवं एमईआईएस सर्टीफिकेट की इनवाइस बनाकर नामचीन कंपनीयों के नाम पर धोखाधडी करने वाले आरोपीयों ने खोले कई राज

📅 03 November 2020, 02:28 AM • ✍️ Sunil Paliwal-Anil Bagora • ⏱️ 7 मिनट में पढ़ें
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फर्जी डिजिटल सिग्नेचर एवं एमईआईएस सर्टीफिकेट की इनवाइस बनाकर नामचीन कंपनीयों के नाम पर धोखाधडी करने वाले आरोपीयों ने खोले कई राज
फर्जी डिजिटल सिग्नेचर एवं एमईआईएस सर्टीफिकेट की इनवाइस बनाकर नामचीन कंपनीयों के नाम पर धोखाधडी करने वाले आरोपीयों ने खोले कई राज

इंदौर ।  फर्जी डिजिटल सिग्नेचर एवं  एमईआईएस सर्टीफिकेट की इनवाइस बनाकर नामचीन  कम्पनीयों के नाम पर धोखाधडी कर रुपयों की बंदरबाट करने  वाले  आरोपीयों  ने  खोले  कई  राज।  

1.  गिरोह ने बनाए 09 कम्पनीयों के डिजिटल सिग्नेचर सर्टीफिकेट । 

2.  09 कम्पनीयों में से 06 मध्यप्रदेश की कम्पनीयाॅ 1- Tech Engneering 248 Parag  Nagar Indore 2. FSP Technology 36 Manorama ganj Indore. 3. GR  Herbals 45  Manik Chouk  Imli  bazar Indore 4. Sagar  Manufacturing  E-2/4 Arera  Colony   Opp. Habib ganj Bhopal. 5. Erawat  Pharma LTD 12C  FA  Scheme No. 94  Ring road Indore 6. VE  Commercial Vehicles Limited 102 Industrial  area no.1  Pithampur Dhar.

3.  प्रकरण  में मुख्य आरोपी शांतानु  जटार  इस्ट  तैमुर  में  करोडो  रुपए कर  चूका  हैं  रिजोट बनाने  में  इनवेेस्ट। 

4.  बिजनेस  में घाटा खाने के  बाद  शुरु  किया अवैध  डिजिटल सिग्नेचर  बना  कर  धोखाधडी करने  का  काम । 

5.  लाॅकडाउन लगने के  कुछ  समय पूर्व इंदौर ऑफिस बंद कर गया अपने ग्रह नगर पुणे। 

6.  09 कम्पनीयों के डिजिटल सिग्नेचर  बनाए  गए ई-मुद्रा  द्वारा।

7.  ई-मुद्रा  द्वारा एसएमएस, विडियों  कॉल एवं  इमेल के माध्यम से वैरिफिकेशन का  किया जाता हैं  दावा। 

8.  आरोपीगणों  द्वारा फर्जी इमेल, मोबाईल  नम्बर  एवं डमी  सिग्नेटरीयों  को विडियों  कालिंग पर किया  गया इस्तेमाल।  

9.  कम्पनीयों  की  एमईआईएस  सर्टीफिकेट  की सम्पूर्ण जानकारी  रहती  हैं  शांतानु  जटार के  पास। 

10.  ज्यादातर कम्पनीयों के  एमडी /डायरेक्टरों  के आधारकार्ड पैनकार्ड बनाए  गए  फर्जी  तरिके  सें ।

11.  कंपनी के इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड भी फर्जी  तरिके  से  बनाने की मिल  रही  हैं जानकारी।  

पुलिस अधीक्षक राज्य सायबर सेल इंदौर श्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि दिनांक 16/09/2020 को देवेन्द्र थापक की कंपनी ErawatPharma एवं दिनांक 07/10/2020 को ब्रजेश दुबे के द्वारा राज्य साइबर सेल इंदौर आकर अपनी कंपनी VE COMMERCIAL VEHILES LTD के साथ हुए डिजिटल सिग्नेचर का दुरूपयोग कर अनाधिकृत तरीके से लगभग 02 करोड़ रूपए का लाभ कमाने सम्बन्धी शिकायत की गयी थी द्मामले की गंभीरता को देखते हुए उक्त शिकायत की जाँच में निरीक्षक राशीद अहेमद व उनकी टीम उपनिरीक्षक संजय चौधरी,  प्रभाकर महाजन, आरक्षक विवेक मिश्रा गजेन्द्र सिंह राठौर को लगाया गया  द्य शिकायत की जाँच पर से राज्य सायबर सेल इंदौर द्वारा अपराध क्रमांक 180/2020  एवं 181/2020 पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया।  अपराध में संलिप्त आरोपी शांतानु पिता विजय नारायण जटार उम्र 36 साल नि0 बी 5041 मारवल इम्पीरियल नांरगी बागरोड संगमबाडी पुणेंए सचिन लोनकर पिता राम लोनकर उम्र 34 साल नि0 सर्वे नम्बर 51 भाग्योदय नगर कोडवाखुर्द पुणे एवं सुदर्षन मालपानी पिता विष्णु प्रसाद मालपानी उम्र 38 साल नि0 फ्लेट नम्बर 103 कृष्ण विहार अपार्टपुमेंट अभिनव काॅलेज रोड पुणंे  को  विधिवत  तरिके  से अरेस्ट  किया  गया ।  आरोपीयों  से  पुछताछ  के  दौरान  बताया  गया कि कुल 09 कम्पनीयों के  डिजिटल  सिग्नेचर बनाए  जिनमें से 06 मध्य  प्रदेश  की  कम्पनीयों के  बनाए गए । मुख्य आरोपी  शांतानु जटार द्वारा पुछताछछ  में  बताया  गया  कि वह इम्पोर्ट  एक्सपोर्ट एडवाइजर  के रुप में  कार्य  करता  है  ज्याातादर  डायरेक्टर  एवं  एमडीयों  के  आधार  व  पैन कार्ड डिजिटल  सिग्नेचर  बनाने के लिए  आते  हैं  जिनका उपयोग इन  09  कम्पनीयों  के  डिजिटल सिग्नेचर बनाने  मे किया गया  है। डिजिटल सिग्नेचर ईमुद्रा  द्वारा बनाया  जाता हैं जिसमें  वैरिफिकेशन फार्म  में  डाले गए ईमेल मोबााईल  नम्बर व  विडियों काॅल  के  द्वारा कियाा  जाता  हैं। इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड भी इसी  तरह  से  बनाए  जाने की  जानकारी सायबर  सेल  इंदौर को  मिली  है  जिसकी  जानकारी जुटाई  जा  रही है। अन्य  आरोपीयों  की  धडपकड करने में सायबर सेल  इंदौर लागातार  प्रयासरत  हैं। उक्त प्रकरण के खुलासा करने में निरी. राशिद अहमद, उप.निरी. संजय चौधरी, प्रभाकर महाजन, आर. विवेक मिश्रा, आर. गजेन्द्र सिंह राठौर, आर. विजय बडोदकर, राकेष बामनीया की सराहनीय भूमिका रही।

● पालीवाल वाणी ब्यूरों-Sunil PaliwalAnil bagora...✍️

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