आपकी कलम
VIP सीट छिंदवाड़ा में हॉट पॉलिटिक्स...बीजेपी के लिए छिंदवाड़ा जीतना बन गया देश जीतना
विजया पाठक
●कमलनाथ के घर और आदिवासी विधायक के घर पुलिस का छापा, राजनीतिक रंजिश की पराकाष्ठा
● आदिवासी वर्ग को नीचा दिखाने की मोदी की गारंटी या प्रदेश सरकार की
● क्या आदिवासी और शराब को टैग कर समाज को बदनाम कर रही है भाजपा?
विजया पाठक, एडिटर, जगत विज़न
देश में लोकसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं राजनैतिक दलों की आपसी खींचतान रंजिश में बदलती जा रही हैं। यही कारण है कि अब सत्ताधारी दल के नेता अपने प्रतिद्धंदी पर कानूनी दबाव डालकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ताजा मामला देश की सबसे हॉट सीट कही जाने वाली छिंदवाड़ा लोकसभा का है। 19 अप्रैल 2024 से शुरू हो रहे पहले चरण के मतदान के ठीक चार दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के दबाव में आकर पांर्ढुना जिले की पुलिस ने विधायक निलेश उइके के घर पर छापेमार कार्यवाही की। बीजेपी की आदिवासी वर्ग को शराब से जोड़कर नीचा दिखाने की साजिश से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
अब यह आदिवासियों को बदनाम करने की मोदी की गारंटी या प्रदेश सरकार की। बड़ा सवाल यह भी है कि क्या भाजपा आदिवासी और शराब को टैग कर समाज को बदनाम कर रही है? एक तरफ तो बीजेपी आदिवासियों को लेकर बड़ी बड़ी बातें करती है, उनके उत्थान और कल्याण के वादे करती है लेकिन जब बात उनके सम्मान की, उनके गौरव की आती है तो बीजेपी एकदम अलग रूप में दिखाई देती है। यहां बीजेपी की कथनी और करनी में काफी अंतर समझ आता है।
इसके बाद हाल ही में कमलनाथ के शिकारपुर स्थित घर पर पुलिस ने एक शिकायत पर दबिश दी। दोनों मामलों में राजनीतिक रंजिश की पराकाष्ठा नजर आ रही है। चुनाव के पहले इस तरह की पुलिस कार्यवाही सवालों के घेरे में आ रही है। आपको बता दें कि एक सूचना पर बीते दिन आबकारी विभाग की टीम ने पुलिस के सहयोग से पांढुर्णा विधायक नीलेश उइके के घर दबिश दी थी।
साथ ही रजौला रैय्यत में विधायक के घर और खेत में तलाशी अभियान चलाया गया। आबकारी और पुलिस विभाग की टीम ने विधायक नीलेश उइके के निवास और खेत में जांच अभियान चलाया। हालांकि यहां आबकारी और पुलिस विभाग की टीम को कुछ भी हाथ नहीं लगा। वही मामले को लेकर विधायक नीलेश उईके ने कहा भाजपा हार देखकर बौखला रही है और दबाव की राजनीति कर रही है।
यह आदिवासियों का अपमान है। उइके पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ के करीबी हैं और वे कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के समर्थन में लगातार रैलियां और प्रचार-प्रसार का काम संभाले हुए हैं। क्षेत्र में नकुलनाथ की बढ़ती लोकप्रियता से भयभीत भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अब कानूनी हथकंडा अपनाने का रास्ता चुन लिया है। राजनैतिक विशेषज्ञों की मानें तो भाजपा नेताओं का अपने प्रतिद्वंदी को परास्त करने का यह तरीका गलत है।
यह भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी बंटी साहू, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बौखलाहट का परिणाम है। कुल मिलाकर विगत 18 वर्षों से भाजपा ने जिस ढंग से आदिवासी वर्ग को नीचा दिखाने और उन्हें परेशान करने का जो कार्य किया है इसे मोदी की गारंटी से जोड़कर देखा जाने लगा है।
● कमलनाथ के घर पुलिस की दबिश, राजनीतिक आतंकवाद के समान
छिंदवाड़ा में सियासी गहमागहमी काफी बढ़ गई है। पांढुर्ना से कांग्रेस विधायक निलेश उईके के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ के छिंदवाड़ा स्थित शिकारपुर के घर में पुलिस ने दबिश दी। बताया जा रहा है कि कमलनाथ के पीए आरके मिगलानी से पूछताछ के लिए पुलिस पहुंची थी।
उनके खिलाफ पुलिस में छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी विवेक बंटी साहू ने शिकायत की थी। लोकसभा के बीजेपी प्रत्याशी बंटी साहू का आरोप है कि कमलनाथ के पीए आरके मिगलानी और निजी चैनल के वीडियो जर्नलिस्ट ने अन्य पत्रकारों को मेरा आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के लिए 20 लाख रुपए का प्रलोभन दिया था। इसी को लेकर बंटी साहू ने पुलिस में शिकायत दी थी।
कांग्रेस ने कहा कि कमलनाथ का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उनके आवास पर पुलिस का पहुंचना राजनीतिक आतंकवाद के समान है। आपको बता दें कि मिगलानी कई वर्षों से कमलनाथ के साथ हैं। आज तक किसी भी विषय में उनका अनैतिक कार्यों में उनका नाम नहीं उछला है। यहां तक कि किसी भी राजनीतिक हथकंडे में उनका नाम नहीं होता है। वह एक सुलझे हुए और निर्विवाद छवि वाले व्यक्ति हैं।
● राजनैतिक रंजिश को व्यक्तिगत बदलना ठीक नहीं
पिछले दो दिनों में भाजपा नेताओं ने छिंदवाड़ा, भोपाल में कमलनाथ समर्थक और उनसे जुड़े लोगों के घरों में जो दबिश पुलिस से डलवाई है वह गलत कदम है। यह सीधे तौर पर कानून का भय बताकर नेताओं को धमकाने का प्रयास है। जानकारी के अनुसार यह ठीक वैसा ही प्रयास है जैसा पिछले दिनों भाजपा नेताओं ने कमलनाथ से जुड़े नेताओं को धमकाकर भाजपा का गमछा और टोपी पहनने के लिए मजबूर किया था।
नाम न छापने की शर्त पर कई नेताओं ने बताया कि वे भले ही भाजपा के कानूनी शिकंजे के भय से भाजपा में शामिल हो गये हैं लेकिन आज भी वे पूरी तरह से समर्पित और समर्थित कमलनाथ के लिए है। भाजपा नेताओं द्वारा राजनैतिक रंजिश को व्यक्तिगत हमले में बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।
● दिन प्रतिदिन बढ़ते गये अत्याचार
जनजातीय वर्ग के लोगों को खुद का सबसे बड़ा संरक्षक बताने वाली भारतीय जनता पार्टी की दिन प्रतिदिन पोल खुलती जा रही है। पिछले 18 वर्षों में जिस ढंग से जनजातीय वर्ग के लोगों के ऊपर अत्याचार हुए हैं वह किसी से छुपा नहीं है। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में हुआ मूत्रकांड भला कोई कैसे भूल सकता है। जब प्रदेश के वरिष्ठ नेता के समर्थक ने एक जनजातीय वर्ग के व्यक्ति के ऊपर खुले आम पेशाब कर इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। यही नहीं धार, मंडला, सहित विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों में लोगों को आज भी सुख सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करना पड़ रहा है।
● सिर्फ एक सीट जीतने के लिए इतनी जद्दोजहद
भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता प्रदेश में जो भी जद्दोजहद कर रहे हैं वह सिर्फ छिंदवाड़ा लोकसभा सीट को लेकर है। इसे देख ऐसा लगता है जैसे छिंदवाड़ा कोई क्षेत्र नहीं बल्कि कोई देश को जिस पर कब्जा कर लेने से भाजपा नेताओं को एक नया राज्य मिल जायेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ नेता छिंदवाड़ा लोकसभा सीट जीतने के लिए रात दिन एक किये हुए हैं। किसी एक लोकसभा सीट जीतने के लिए एक राजनैतिक दल द्वारा उठाये जा रहे यह कदम पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या की तरफ बढ़ता कदम है। भाजपा के इस कदम के बाद भारत की राजनीति में एक नई परंपरा का गठन हो जाएगा जिससे आने वाले वर्षों में सभी नेताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
● जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं कमलनाथ और नकुलनाथ
मैंने खुद पिछले दिनों छिंदवाड़ा लोकसभा का भ्रमण किया। पूरे क्षेत्र में घूमने के बाद यह कहा जा सकता है कि सच में कमलनाथ ने छिंदवाड़ा को एक बीमारू, पिछड़े जिले से उठाकर प्रगति तथा प्रतिभावान जिला बनाया है। पिछले चालीस वर्षों में उनके द्वारा किये गये कार्यों की ही परिणाम है कि कमलनाथ इतने वर्षों से जनता के दिल पर राज कर रहे हैं।
इसमें कोई दो राय नहीं कि कमलनाथ और नकुलनाथ ही एक मात्र वह व्यक्ति हैं जो छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से आने वाले कई वर्षों तक जीत का परचम लहरायेंगे। जीत का यह आश्वासन जनता के स्नेह, प्रेम में स्पष्ट तौर पर दिखाई देता है। जनता का यह प्रेम और समर्पण ही भाजपा नेताओं के लिए आंखों का कांटा बना हुआ है जिस कारण वे इस सीट को जीतने के लिए सब कुछ न्यौछावर कर देने के लिए तैयार हैं।
● पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने हैरिटेज शराब बनाने की थी घोषणा
जनजाति गौरव सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि मध्य प्रदेश में जल्द ही अब आदिवासी क्षेत्रों में महुआ से बनने वाली शराब को हेरिटेज शराब का दर्जा मिल सकता है। शराब को आदिवासी आमदनी का जरिया बनाएंगे। आपको बता दें कि इससे पहले राजस्थान में लंबे समय से हेरिटेज शराब को मान्यता मिली हुई है। वहीं गोवा की परंपरागत फेनी भी पर्यटकों में खासी मशहूर है।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक नहीं कई बार शासकीय मंचों से सभाओं में बार-बार इस बात की घोषणा भी कि प्रदेश के जनजातीय वर्ग द्वारा तैयार की जाने वाली महुआ की मदिरा को हम हैरिटेज मदिरा का स्वरूप दिलायेंगे। लेकिन भाजपा नेताओं ने चुनाव आते ही आपसी रंजिश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वायदों को तार-तार कर दिया और विधायक उइके सहित उनके कई ठिकानों पर बन रही हैरेटिज मदिरा की जप्ती कर उन पर कानूनी कार्यवाही की।
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नाम न छापने की शर्त पर कई नेताओं ने बताया कि वे भले ही भाजपा के कानूनी शिकंजे के भय से भाजपा में शामिल हो गये हैं लेकिन आज भी वे पूरी तरह से समर्पित और समर्थित कमलनाथ के लिए है। भाजपा नेताओं द्वारा राजनैतिक रंजिश को व्यक्तिगत हमले में बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।