श्रीराम-जानकी : पति-पत्नी को कैसे रहना चाहिए : वैवाहिक जीवन में नि:स्वार्थ भाव से प्रेम जरूरी
📅 08 December 2021, 09:35 AM
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✍️ Paliwalwani
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भगवान राम और सीता के विवाह उत्सव को विवाह पंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है. त्योहार अगहन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है. इस बार ये 8 दिसंबर 2021 यानी आज है. मान्यता है कि इसी दिन गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस का लेखन भी पूरा किया था. श्रीराम एक आदर्श पुरुष माने जाते हैं तो सीता उनकी संगिनी के रूप में महान पत्नी. इनका वैवाहिक जीवन कुछ खास बातों से महान माना जाता है. इनके वैवाहिक जीवन में श्रीराम ने माता सीता पर भरोसा और उनसे नि:स्वार्थ प्रेम किया वहीं माता जानकी ने त्याग और ईमानदारी के साथ हमेशा श्रीराम का साथ दिया. इसलिए हमें भी अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने के लिए भगवान राम और मां सीता के जीवन से सीख लेनी चाहिए.


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