Saturday, 24 January 2026

धर्मशास्त्र

घर में आने वाले आर्थिक संकट को बतलाते हैं, ये 5 संकेत, तुरंत हो जाए सतर्क

paliwalwani
घर में आने वाले आर्थिक संकट को बतलाते हैं, ये 5 संकेत, तुरंत हो जाए सतर्क
घर में आने वाले आर्थिक संकट को बतलाते हैं, ये 5 संकेत, तुरंत हो जाए सतर्क

हमारे जीवन में अगर कोई संकट आने वाला होता है तो वह किसी न किसी तरह से संकेत देने लगता है। ऐसे ही व्यक्ति को इस बात का पता होना चाहिए कि आखिर यह किस चीज का संकेत है। इसीलिए आचार्य चाणक्य ने आर्थिक संकट को लेकर कुछ संकेत दिए हैं। जिन्हें अगर आप समय रहते जान लें तो खुद को कंगाल होने से बचा सकते हैं। 

आचार्य चाणक्य ने सुखी जीवन के लिए कई नीतियां बताई हैं जिनका अनुसरण करके आप जिंदगी में सुख-समृद्धि पा सकते हैं। जानिए आचार्य चाणक्य से उन 5 चीजों के बारे में, जो आर्थिक संकट का संकेत देती हैं।

'तुलसी के पौधे का सूख जाना, घर में क्लेश होना, शीशे का बार-बार टूटना, पूजा पाठ का अभाव और बड़े बुजुर्गों का तिरस्कार करना- आचार्य चाणक्य

तुलसी के पौधे का सूख जाना

अगर आपके आंगन या घर में लगी तुलसी अचानक से सुख जाए तो समझ लें कि आपके घर कोई संकट आने वाला है। यह संकेत आपकी सुख-समृद्धि और धन को दर्शाता है।

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घर में क्लेश करना

अगर आपके घर में सदस्यों के बीच हमेशा  लड़ाई होती रहती हैं तो जान लें कि आपके घर में कभी भी मां लक्ष्मी का वास नहीं रहेगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ेगा।

शीशे का बार-बार टूटना

आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस घर में बार-बार शीशा टूट रहा है तो समझ लें कि उसकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ने वाला है। इसलिए अगर घर का कोई शीशा टूटता है तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए। 

पूजा-पाठ का अभाव होना

जिस घर में दिन की शुरुआत पूजा-पाठ के साथ नहीं होती हैं वहां पर मां लक्ष्मी का वास कभी भी वास नहीं होता है, जिससे घर में दरिद्रता वास करती हैं। 

बड़े बुजुर्गों का तिरस्कार करना

आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस घर में बड़े बुजुर्गों का सम्मान नहीं किया जाता हैं वहां पर कभी भी संपन्नता नहीं रहती हैं। इसलिए हमेशा अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। 

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● Disclaimer :इस लेख में दी गई ज्योतिष जानकारियां और सूचनाएं लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं. इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं. पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. पालीवाल वाणी इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले इससे संबंधित पंडित ज्योतिषी से संपर्क करें तथा चिकित्सा अथवा अन्य नीजि संबंधित जानकारी के लिए अपने नीजि डॉक्टरों से परार्मश जरूर लीजिए. पालीवाल वाणी तथा पालीवाल वाणी मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है.
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