Wednesday, 11 March 2026

राजसमन्द

पन्नाधाय जयंती और महिला दिवस के उपलक्ष में सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन

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पन्नाधाय जयंती और महिला दिवस के उपलक्ष में सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन
पन्नाधाय जयंती और महिला दिवस के उपलक्ष में सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन

 अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली "

राजसमंद. शनिवार ,दिनांक 7 मार्च को राजसमंद जिला मुख्यालय स्थित अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी सभागार में राष्टधर्मी माता पन्नाधाय की 536 वीं जयंती पर सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं संस्थापक नान जी भाई गुर्जर की अध्यक्षता में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नान जी भाई गुर्जर, आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट अध्यक्ष, दिनेश चंद्र सनाढ्य (आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट महासचिव), वीणा वैष्णव (साकेत साहित्य संस्थान अध्यक्ष), नारायण सिंह राव (उपाध्यक्ष) तथा कमल अग्रवाल (महासचिव) रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करके की गई साथ ही कवयित्री नीतू बापना ने सुमधुर सरस्वती वंदना से सभागार का वातावरण भक्तिमय कर दिया।

तत्पश्चात नानजी भाई गुर्जर और वीणा वैष्णव द्वारा सभी साहित्यनुरागियों और कविगण का स्वागत-सत्कार इकलाई पहनाकर, स्मृति चिन्ह, माता पन्नाधाय के त्याग को दर्शाती हुई तस्वीर, कैलेंडर, पुस्तकें और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट किए गए।

महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस संगोष्ठी में राजसमंद, गुजरात और दिल्ली के विख्यात कविगण वीणा वैष्णव, कुसुम अग्रवाल, नीतू बापना, अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली ",  ज्योत्सना पोखरना , भावना पालीवाल, प्रेमलता चौरडिया, उर्मिला पुरोहित, कलम अग्रवाल, नारायण सिंह राव, राधेश्याम राणा "निंबार्की", बख्तावर सिंह चुंडावत, दर्शन पालीवाल (अफ़ंगी), चंद्रशेखर शर्मा नारलाई, हेमंत गुर्जर, ममता गुर्जर दिल्ली, अनीता बेन गुजरात, ममता बेन गुजरात, रेशमा राणा मेरठ, राम सिंह गुर्जर, जयपुर आदि गणमान्य उपस्थित रहें।

साकेत महासचिव कमल अग्रवाल और उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने बताया कि सभी रचनाकारों ने महिला दिवस और पन्नाधाय जयंती के उपलक्ष में समाज में नारी शक्ति के सम्मान, नारी के अधिकारों और समानता से संबंधित उम्दा रचनाएं पढ़ी, जो समाज को नारी की वर्तमान स्थिति पर सोचने पर मजबूर करती हैं।

कार्यक्रम का संचालन साकेत कोषाध्यक्ष राधेश्याम राणा ने किया। तत्पश्चात दिनेश चंद्र सनाढ्य ने सभी साहित्यनुरागियों की मुक्त कंठ प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम के अंत में साकेत साहित्य संस्थान अध्यक्ष वीणा वैष्णव और आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट अध्यक्ष नान जी भाई गुर्जर ने सभी को आभार व्यक्त किया।

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