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गैर-बैंकिंग कंपनियों के रियल एस्टेट परिसंपत्तियों का प्रदर्शन इस वर्ष 2022 में भी गिरावट की आशंका

📅 14 February 2022, 08:38 PM • ✍️ Paliwalwani • ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
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गैर-बैंकिंग कंपनियों के रियल एस्टेट परिसंपत्तियों का प्रदर्शन इस वर्ष 2022 में भी गिरावट की आशंका
गैर-बैंकिंग कंपनियों के रियल एस्टेट परिसंपत्तियों का प्रदर्शन इस वर्ष 2022 में भी गिरावट की आशंका

नई दिल्ली :  गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के प्रबंधन के अधीन रियल एस्टेट परिसंपत्तियों में चालू वित्त वर्ष में भी 5-10 फीसदी का संकुचन होने की आशंका है. हालांकि अगले साल इसमें कुछ हद तक स्थिरता आ सकती है. रेटिंग एजेंसी इक्रा रेटिंग्स ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) और आवासीय वित्त कंपनियों (एचएफसी) के प्रबंधन-अधीन रियल एस्टेट परिसंपत्तियों का प्रदर्शन वर्ष 2022 में भी खराब रह सकता है.

 रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट पर केंद्रित गैर-बैंकिंग कंपनियों का परिदृश्य अब भी नकारात्मक बना हुआ है, जिसके पीछे निकट एवं मध्यम अवधि में परिसंपत्ति गुणवत्ता से जुड़े दबाव और कम वृद्धि प्रत्याशा रही है. रिपोर्ट कहती है कि पिछले कुछ वर्षों में गैर-बैंकिंग कंपनियां फंड जुटाने से जुड़ी चुनौतियों एवं परिसंपत्ति गुणवत्ता मुद्दों की चपेट में रही हैं.

इक्रा की रिपोर्ट कहती है कि गैर-बैंकों का रियल एस्टेट परिसंपत्ति प्रबंधन आकार मार्च 2021 को 17.64 प्रतिशत घटकर 2.8 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि मार्च 2019 में इसका आकार 3.4 लाख करोड़ रुपये था.

रेटिंग एजेंसी ने कहा, “इक्रा को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में गैर-बैंकिंग कंपनियों का रियल एस्टेट परिसंपत्ति प्रबंधन आकार 5-10 प्रतिशत और घट सकता है. हालांकि वर्ष 2022-23 में इसके स्थिर होने का अनुमान है जिसमें इसकी गिरावट दर पांच फीसदी से कम रह सकती है.

इक्रा रेटिंग्स की उपाध्यक्ष एवं वित्तीय क्षेत्र रेटिंग प्रमुख समृद्धि चौधरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी छमाही से ही नकदी संकट गहराने से गैर-बैंकों की वृद्धि में सुस्ती आ गई थी.उन्होंने कहा, “फंड जुटाने से जुड़ी चुनौतियों ने रियल एस्टेट-केंद्रित गैर-बैंकों ने इस क्षेत्र को ऋण आवंटन कम कर दिया बल्कि अपने पोर्टफोलियो में भी कटौती करने की कोशिश की.

यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है.

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