Health Insurance : डायबिटीज के मरीजों के लिए खास हैं ये हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिससे दुनिया भर के 463 मिलियन लोग प्रभावित हैं और इस बीमारी से पीड़ित लगभग 77 मिलियन लोग भारत में रहते हैं. ब्लड शुगर के रोगियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) का महत्व और भी बढ़ जाता है. इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस एडवाइजर जल्दी से जल्दी हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने की सलाह देते हैं. खासकर ऐसे समय में कम उम्र में ही हेल्थ इंश्योरेंस लेना और भी जरूरी हो जाता है जब लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां (Lifestyle Related Diseases) दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं.
डायबिटीज के प्रकार और उनका इंश्योरेंस कवरेज
डायबिटीज रोगियों के लिए इंश्योरेंस
कितना है प्रीमियम?
हम दिल्ली में रहने वाले 45 साल के व्यक्ति के लिए 10 लाख रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस कवर का उदाहरण लेते हैं. निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस के रीएश्योर 2.0 (ReAssure 2.0) का प्रीमियम 15,376 रुपये होगा और सभी बीमारियां पहले दिन से ही कवर की जाएंगी. आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस के एक्टिव हेल्थ प्लैटिनम एनहांस्ड (डायबिटीज) का प्रीमियम 27,630 रुपये है और इसमें 30 दिनों का वेटिंग पीरियड भी है. केयर हेल्थ इंश्योरेंस के केयर सुप्रीम पॉलिसी का प्रीमियम 15,122 रुपये है और वेटिंग पीरियड 30 दिनों का है. मणिपाल सिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस के प्राइम एक्टिव (डायबिटीज/पीबी/अस्थमा) का प्रीमियम 13,632 रुपये है और इस प्लान के तहत वेटिंग पीरियड 90 दिनों का है.
सिंघल ने कहा कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों को हमेशा कम वेटिंग पीरियड वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुननी चाहिए. साथ ही को-पेमेंट्स या सब लिमिट पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह व्यक्ति की जेब पर काफी अधिक असर डाल सकते हैं. साथ ही क्लेम के दौरान आने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए अपनी मेडिकल हिस्ट्री की पूरी जानकारी बीमा कंपनी को देनी चाहिए.
अगर आप एक रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद रहे हैं, तो इस बात पर जरूर ध्यान देना चाहिए कि क्या यह डायबिटीज से संबंधित परेशानियों के लिए कवरेज प्रदान करती है या नहीं.
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