इस दीवाली अंतरमन के दीप जलाएं : स्वाभिमान के दीप जले तो ही अहंकार के अंधेरे का नाश होता है...डॉ. प्रदीप कुमावत
विचार चाहे कितने भी अच्छे क्यों ना हों, वो सार्थक तभी माने जाते है जब उनकी झलक आपके व्यवहार में दिखती हो...!
छुट्टी के लिए अजीब पत्र - ओवैसी पिछले जन्म का दोस्त और मोहन भागवत शकुनि मामा, पत्र का सीईओ के भी दिया मजेदार जवाब