चापलूसों के भरोसे डुब रही है रतलाम की नैया, विधायक कलेक्टर की जुगलबंदी से नाराज है हर कोई...?
रतलाम : कलेक्टर रतलाम अपनी कार्यप्रणाली से जहां अधीनस्थ अधिकारियों में नाराजी का कारण बने हूए है वही सतारूढ़ दल के नेताओं का पक्ष लेने के कारण कांग्रेस नेताओं और आम जनता में अपनी छवि खराब कर रहे है। इससें मुख्यमंत्री की भी बदनामी हो रही है।हाल ही में कांग्रेस के 6विधायकों के साथ उनका रवैया अलोकतांत्रिक था। कलेक्टर अपने चेम्बर से बाहर निकलकर उनसे मिलने में भी अपना अपमान समझ रहे थे उनका यही कदम कांग्रेस को लाभ पंहुचा सकता है।
पूर्व विधायक पारस सकलेचा का जारी बयान तथा आलोट के विधायक के खिलाफ एफआईआर भी रतलाम प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन सकता है । शहर विधायक के इशारे पर चल रहा प्रशासन जनता में नाराजगी का कारण बना हुआ है।जिले की पांचों सीटों को रेड झोन में माना जा रहा है। चापलूसों के भरोसे सत्ता का भोग कब तक चलेगा यह लोग कह रहे है । सत्ता में बैठे तथा सत्ता का लाभ ले रहें धृतराष्ट्र कब तक मौन रहेगें।
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