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राजस्थान

पाकिस्तानी 900 से अधिक नागरिकों को भारत सरकार ने किया ब्लैक लिस्टेड

📅 27 May 2022, 01:44 AM ✍️ Paliwalwani ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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पाकिस्तानी 900 से अधिक नागरिकों को भारत सरकार ने किया ब्लैक लिस्टेड
पाकिस्तानी 900 से अधिक नागरिकों को भारत सरकार ने किया ब्लैक लिस्टेड

बाड़मेर : पाकिस्तान (Pakistan) से वीजा पर भारत आये कई लोग यहां पर 45 दिन की बजाय कोई तीन महीने रुक गया तो कोई 6 महीने. ऐसे 900 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों (Pakistani nationals) को भारत सरकार ने ब्लैक लिस्टेड (Blacklisted) कर दिया है. ये सभी कुछ समय अवधि के लिए वीजा (Visa) लेकर भारत आए थे, लेकिन किसी न किसी कारणवश यहां अधिक समय तक रह गये थे. इसकी वजह से अब इन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है. इनमें सर्वाधिक सोढा राजपूत परिवार के लोग हैं.

अब वे अपने रिश्तेदारों के पास भारत आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल पा रहा है. ये अधिकांश लोग मूलत: भारत-पाकिस्ता बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर और जैसलमेर जिले के रहने वाले हैं. भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली दोस्ती की सौगात थार एक्सप्रेस का संचालन साल 2006 से 2018 तक किया गया था. इन 12 बरसों में करीब 4 लाख लोगों ने भारत की यात्रा की थी. इस यात्रा में आए कई लोगों ने यहां वीजा से अधिक अवधि तक ठहराव किया था. केंद्र सरकार को जब इसकी जानकारी लगी तो उसने 900 से अधिक लोगों के भारत में अधिक ठहराव की वजह से ब्लैक लिस्ट कर दिया है.

भारत-पाकिस्तान के बीच चले तनाव के दौरान तो इन लोगों को एहसास नहीं हुआ, लेकिन जब वाघा बॉर्डर खुलने के बाद उन्होंने अपना वीजा लगाया तो उसे निरस्त कर दिया गया. पाक विस्थापित लोग बताते हैं कि साल 2018 में पुलवामा हमला और 2019 से 2021 के बीच कोरोना काल चला तब तो वीजा को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई. लेकिन अब जब भारत आने के लिए उनके रिश्तेदार वीजा लगा रहे हैं, लेकिन ब्लैक लिस्ट होने के कारण उनका वीजा स्वीकार नहीं किया जा रहा है.

कांग्रेस नेता आजाद सिंह ने सरकार से मांग कि है कि 900 लोगों को ब्लैक लिस्ट से हटाया जाए ताकि दोनों देशों के बीच रिश्तों की डोर बनी रहे. ब्लैक लिस्ट किये गये अधिकांश सोढा राजपूत परिवारों के लोग हैं. अब ये परेशान हैं कि उनका आधा परिवार भारत में है और आधा पाकिस्तान में. दिक्कत यह है कि सोढा राजपूतों को बेटे- बेटियों की शादी के लिए भारत आना ही होता है. क्योंकि जिन गोत्र में उनके रिश्तेदारी होनी है वे लोग भारत में रह रहे हैं. पाकिस्तान के अमरकोट में रहने वाले गणपत सिंह साल 2015 में भारत आए थे. यहां उनके भाई के यहां शादी थी. यहां 45 दिन के लिए वीजा मिला था, लेकिन वे करीब साढ़े तीन माह तक यहां रुके. गणपत सिंह जैसे कई परिवार ऐसे हैं जो ब्लैकलिस्टेड की वजह से भारत नहीं आ पा रहे हैं.

बाड़मेर जिला कलक्टर लोकबंधु यादव के मुताबिक पाक विस्थापित परिवारों को लेकर जिला स्तर पर कोई भी समस्याएं हो तो उसका त्वरित निस्तारण किया जाता है. 900 लोगों के ब्लैकलिस्ट होने को लेकर गृह मंत्रालय को पत्र भेजा जा चुका है. आगे सरकार के जो भी दिशा निर्देश होंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी. बहरहाल पाक विस्थापित परिवारों ने ब्लैक लिस्टेड लोगों को वीजा दिलवाने की मांग की है. ऐसा नहीं है कि पुलवामा हमले के बाद कोई पाक विस्थापित भारत नहीं आ रहा है. हाल ही में पाक की प्रताड़नाओं से परेशान होकर एक परिवार भारत आया है. ऐसे में बाड़मेर में एक मुहिम चलाकर ब्लैक लिस्ट खत्म करने की मांग की जा रही है.

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