Saturday, 24 January 2026

इंदौर

Indore City : पुलिस कमिश्नर इंदौर ने बेहतर पुलिसिंग को लेकर, पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों की ली बैठक

sunil paliwal-Anil Bagora
Indore City : पुलिस कमिश्नर इंदौर ने बेहतर पुलिसिंग को लेकर, पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों की ली बैठक
Indore City : पुलिस कमिश्नर इंदौर ने बेहतर पुलिसिंग को लेकर, पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों की ली बैठक
  • आमजन के हितों कों ध्यान रखते हुए, पुलिस की कार्यप्रणाली को और बेहतर करने  हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
  • अब किया जाएगा थाना प्रभारियों व थानों के कार्याे का मूल्यांकन,  अच्छे कार्य पर प्रोत्साहन तो खराब परफार्मेंस पर की जाएगी सख्त कार्यवाही।

इंदौर.

शहर में अपराधों पर नियंत्रण हेतु पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर करने तथा उसमें और कसावट लाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा इंदौर नगरीय क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों के साथ एक विशेष बैठक का आयोजन आज दिनांक 19.01.26 को कार्यालय के सभागार में किया गया 

उक्त बैठक में अति पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) नगरीय इंदौर श्री अमित सिंह, अति पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) नगरीय इंदौर श्री आर. के. सिंह सहित नगरीय क्षेत्र के सभी पुलिस उपायुक्तगण, अति. पुलिस उपायुक्तगण, सभी सहायक पुलिस आयुक्तगण एवं सभी थाना प्रभारीगण उपस्थित रहें। 

उक्त बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने विगत समय में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाहियों के आधार पर, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण व आमजन के हितों एंव सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, पुलिस की कार्यप्रणाली को और बेहतर कैसें किया जाएं, इसकों लेकर थाना प्रभारियों व सुपरविजन अधिकारियों के लिये एक विशेष कार्ययोजना बनाई गई हैं, उसी पर उक्त बैठक में चर्चा की गई।

बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना प्रभारियों कों बेहतर कार्यवाही हेतु उनकें कर्तव्यों व थाना प्रबंधन में किन बातों का ध्यान रखा जाएं, बताते हुए निर्देशित किया कि- 

थाना प्रभारी थानों में बल की उपस्थिति व उनकें कार्यो की प्रतिदिन समीक्षा करें।

  • ड्यूटी ऑफिसर व प्रिवेटिंव ऑफिसर व बीट/माइक्रो बीट, एफआरवी के पुलिस बल की उपस्थिति व कार्य समीक्षा सुनिश्चित करें। 
  • थानें में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध व सही हालत में है या नही, इसको भी निरंतर चैक करें।
  • थानों में आने वाले पीड़ितों/आगंतुकों की गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ सुनवाई हों और उनके साथ सौम्य व संयमित व्यवहार हो।
  • किसी भी प्रकार समस्या/शिकायत पर, अपराध पंजीकरण या जो भी वैधानिक कार्यवाही बनती हों उसे अविलंब त्वरित रूप से किया जाएं, उसमें किसी प्रकार की कोताहीं न बरती जावें। (चाहें व सायबर अपराध, ई-एफआईआर/जीरो-एफआईआर या अन्य किसी अपराध की हों )
  • अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही पर विशेष ध्यान देकर, कार्यवाही करना।
  • न्यायालयीन कार्यवाही की लगातार मॉनिटरिंग व कार्यवाही करना। 
  • क्षेत्र में कानून व्यवस्था आदि कें संबंध में होने वालें आयोजनों व सभी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी व कार्यवाही।
  • जनता से आपसी समन्वय बढ़ानें हेतु सामुदायिक पुलिसिंग को और बेहतर करने हेतु कार्यवाही।

पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा थाना प्रभारियों द्वारा किये जा रहे कार्यो पर मूल्यांकन प्रणाली भी लागू की गई जिसकें तहत प्रत्येक माह में संबधित ज़ोन के डीसीपी व एडीशनल डीसीपी द्वारा अपने ज़ोन से 02 सबसे अच्छा कार्य करने वाले तथा 02 सबसें खराब कार्य करने वालें थानों का चयन करेगें। अच्छा कार्य करने वालों का प्रोत्साहन किया जाएगा वहीं खराब काम करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जावेगी। 

पुलिस थानों का मूल्यांकन निम्न कार्यो पर आधारित होगा- 

  • महिला संबंधी अपराधों पर कार्यवाही, 
  • संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकवरी व डिटेक्शन, 
  • गुम बालक/बालिकाओं की रिकवरी, 
  • अपराधों का समयावधि में अनुसंधान व चार्जशीट की कार्यवाही, 
  • गंभीर व लंबित प्रकरणों का निराकरण, 
  • जमानत निरस्तीकरण की कार्यवाही, 
  • प्रकरण में फोरेसिंक व आधुनिक तकनीकी का उपयोेग, 
  • संमंस/वारंट की अधिक से अधिक तामिली, 
  • माइनर एक्ट व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, 
  • पासपोर्ट/चरित्र सत्यापन का समयावधि में निराकरण, 
  • सीसीटीएनएस व ई-विवेचना की बेहतर कार्यवाही
  • बेहतर कानून व्यवस्था व पुलिस बल का बेहतर प्रबंधन
  • अभियानों व दैनिक कार्यवाही- प्रभावी व सघन चैकिंग, पेट्रोलिंग आदि।
  • आमजन/फरियादी से पुलिस का व्यवहार व प्राप्त फीडबैक 
  • सामुदायिक पुलिसिंग के तहत किये जाने वालें कार्य व जनता से आपसी समन्वय।

पुलिस कमिश्नर ने सभी एसीपी को भी न्यायालयीन कार्य की समीक्षा के लिए निर्देशित किया कि, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु बदमाशों व अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के इस्तगासे 48 घंटे में थानें से आ जावें व 72 घंटों में उनके विरूद्ध नोटिस जारी होनें की कार्यवाही हो जाएं, ये सुनिश्चित किया जावें। साथ ही बाउंड ओवर उल्लघंन के मामलों में भी त्वरित कार्यवाही की जावें तथा अपने क्षेत्र के थानों के कार्यो की लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। 

उन्होनें ने सभी को ये सख्त निर्देश भी दिए कि- बाउंड ओवर/किसी लिस्टेड अपराधी द्वारा अपराध कारित करना, प्रकरण पंजीबद्ध करने में अकारण विलंब तथा फरियादी के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसा करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जावेगा। 

  उन्होनें ‘‘हमें रिएक्टिव नहीं, प्रिवेंटिव पुलिसिंग करनी है’’ ये संदेश देते हुए सभी को बेहतर पुलिसिंग के लिये एक टीम की तरह हरसंभव प्रयास करने के लिये प्रेरित किया।

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