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निजी कंपनियों में हफ्ते में 3 छुट्टी, रिटायरमेंट पर बड़ी रकम, केंद्र की मोदी सरकार ने लेबर कोड में किये बड़े बदलाव, जुलाई से होगा लागू!

📅 01 July 2022, 06:24 PM • ✍️ Paliwalwani • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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निजी कंपनियों में हफ्ते में 3 छुट्टी, रिटायरमेंट पर बड़ी रकम, केंद्र की मोदी सरकार ने लेबर कोड में किये बड़े बदलाव, जुलाई से होगा लागू!
निजी कंपनियों में हफ्ते में 3 छुट्टी, रिटायरमेंट पर बड़ी रकम, केंद्र की मोदी सरकार ने लेबर कोड में किये बड़े बदलाव, जुलाई से होगा लागू!

केंद्र की मोदी सरकार लेबर कोड में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स की माने तो आगामी जुलाई से ही ये नए लेबर कोड लागू हो सकते हैं। नए लेबर कोड या कानून में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं। इसे श्रम कानूनों में बड़ा सुधार माना जा रहा है। इसमें सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव के साथ कार्य करने की संस्कृति में भी बड़ा परिवर्तन करने की तैयारी है। अगर नया लेबर कोड लागू होता है तो निम्न 6 बड़े बदलाव हो सकते है-

पीएफ और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी

नए लेबर कोड के तहत जुलाई से संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के पीएफ और ग्रेच्युटी में अधिक रकम जमा होगी जिससे रिटायरमेंट के वक्त उन्हें एक बड़ी रकम मिलेगी। लेकिन पीएफ और ग्रेच्युटी में अधिक रकम जमा होने से इन हैंड सैलरी और भत्तों में कमी भी आ जाएगी। बताया जा रहा है कि बेसिक सैलरी और भत्ते 50-50 के अनुपात में रखने का प्रावधान किया जा रहा है।

हफ्ते में 3 दिन ऑफ

निजी संस्थानों और कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दिया जाने वाला वीकली ऑफ बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसे एक दिन से बढ़ाकर 3 दिन किया जा सकता है। कर्मचारियों से हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम ही लिया जा सकता है।

प्रतिदिन के काम के घंटे बढ़ेंगे

नए लेबर कोड में रोजाना के काम के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव है। चुंकि हफ्ते में 3 दिन ऑफ दिए जा रहे हैं तो शेष बचे चार दिनों में काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 घंटे कर दिए जाएंगे।

नौकरी छोड़ने पर 2 दिन में सेटलमेंट

अगर कर्मचारी नौकरी छोड़ता है तो नियोक्ता संस्थान या कंपनी को 2 दिन में कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना होगा। इसका मतलब है कि  नौकरी छोड़ने के 2 दिन के अंदर ही कर्मचारी को उसका पूरा पैसा मिल जाएगा, अभी इसमें 2 महीने तक लग जाते हैं।

इन हैंड सैलरी कम होगी

नया लेबर कोड अगर लागू होता है तो कर्मचारियों की इन हैंड सैलरी या टेक होम सैलरी में कमी आएगी। इसकी वजह ये है कि पीएफ और ग्रेच्युटी में अधिक योगदान की वजह से कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते कम हो जाएंगे।

कर्मचारियों की सोशल सेक्योरिटी बढ़ेगी

नए लेबर कोड में पहले से लागू श्रम कानूनों से जुड़ी कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। नए कोड में मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, व्यापारिक संबंध और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी से जुड़े प्रावधान किए गए हैं। इससे गिग वर्कर्स को मिलने वाले लाभ बढ़ेंगे।

नए लेबर कोड को लेकर केंद्र सरकार ने कोई नोटिफिकेशन अबतक जारी नहीं किया है। लेकिन सूत्रों से खबर मिली है कि अगले महीने इसे लागू करने को लेकर फैसला हो गया है।

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