Wednesday, 18 March 2026

इंदौर

Indore City : इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग बनी मौत का कारण, एक चिंगारी ने ली सात की जान

paliwalwani
Indore City : इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग बनी मौत का कारण, एक चिंगारी ने ली सात की जान
Indore City : इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग बनी मौत का कारण, एक चिंगारी ने ली सात की जान

हादसे में इनकी मौत हुई

  • विजय सेठिया (65 वर्ष)
  • छोटू सेठिया (22 वर्ष)
  • सुमन (60 वर्ष)
  • मनोज (65 वर्ष)
  • सिमरन (30 वर्ष)
  • राशि सेठिया (12 वर्ष)
  • 7.  एक बच्चा भी शामिल

इंदौर. इंदौर में बुधवार तड़के बड़ा हादसा हो गया. इंदौर के बंगाली चौराहे के पास एक कॉलोनी में अचानक आग लगने से चीख-पुकार मच गई. एक घर में आग लगने से सात लोग जिंदा जलकर मर गए. दरअसल, रात में घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था. देर रात से चार्जिंग चल रही थी. अचानक चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हो गया और कार तुरंत आग का गोला बन गई.

इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित एक कॉलोनी में भीषण हादसा हो गया. एक मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. इस हादसे में सात लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी. सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई. आग तेजी से फैलते हुए घर तक पहुंच गई और अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया.

आग लगने के बाद घर में रखे सिलेंडरों में धमाके शुरू हो गए. बताया जा रहा है कि एक के बाद एक चार सिलेंडर फटे, जिससे पूरा इलाका दहल उठा. विस्फोट इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

घटना के समय पुगलिया परिवार के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम था, जिसके चलते कई रिश्तेदार भी घर पर रुके हुए थे. इसी कारण जनहानि ज्यादा हुई. अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है.

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4.00 बजे आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. तीन मंजिला मकान में मनोज सेठिया का परिवार रहता था, जहां से प्रारंभिक कार्रवाई में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

जांच में यह भी सामने आया है कि घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे हुए थे. आग के दौरान बिजली सप्लाई बंद हो जाने से ये लॉक नहीं खुल सके, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने में काफी दिक्कत हुई. दरवाजे तोड़कर रेस्क्यू करना पड़ा. प्रारंभिक तौर पर यह भी माना जा रहा है कि आग के कारण घर में रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया.

कैसे धमाकों से दहला इंदौर

जी हां, ईवी चार्जिंग वाले प्वाइंट से लगी यह आग देखते ही देखते घर में रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके से फट गए. धमाके इतने तेज थे कि पूरा इलाका दहल गया. घर का एक हिस्सा ढह गया. अंदर सो रहे लोग सोते ही रह गए और किसी को संभलने का भी मौका नहीं मिला. बताया जा रहा है कि इस परिवार में कोई फंक्शन था. इसके कारण कई रिश्तेदार आए थे.

7 लोग जिंदा जलकर मरे

बहरहाल, इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जलकर मौत हो चुकी है. ये लोग जिंदा ही आग में जल गए. वहीं 3 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. संकरी गलियों और तेज लपटों की वजह से फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है.

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News
Trending News