Thursday, 16 April 2026

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में लागू होगा UCC, प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित : जरूरत क्यों?

paliwalwani
छत्तीसगढ़ में लागू होगा UCC, प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित : जरूरत क्यों?
छत्तीसगढ़ में लागू होगा UCC, प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित : जरूरत क्यों?

छत्तीसगढ़.

छत्तसीगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के भविष्य को प्रभावित करने वाले कई निर्णय लिए गए।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही महिलाओं, सैनिकों और पशुपालकों के हित में भी बड़े एलान किए गए हैं।

UCC के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति

कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ़ में UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री को समिति के अन्य सदस्यों के मनोनयन के लिए अधिकृत किया गया है।

जरूरत क्यों? : वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ लागू हैं। इससे विधिक प्रक्रिया जटिल और असमान होती है। संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप कानून को सरल, न्यायसंगत और लैंगिक समानता पर आधारित बनाने के लिए यह पहल की गई है।

कार्यप्रणाली : यह समिति नागरिकों, विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेगी। साथ ही एक वेब पोर्टल के माध्यम से जनता से फीडबैक भी मांगा जा सकता है। प्रारूप तैयार होने के बाद इसे मंत्रिपरिषद और फिर विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

महिला सशक्तीकरण और सैनिकों को बड़ी राहत

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए उनके नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की भारी कटौती करने का निर्णय लिया गया है। इससे राजस्व में करीब 153 करोड़ रुपये की कमी आएगी, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में निवेश माना जा रहा है।

सैनिकों को सम्मान: राज्य के सेवारत, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को जीवन में एक बार 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

खनिज नियमों में बदलाव और औद्योगिक विकास

औद्योगिक भूमि नियम (2015) में संशोधन: सेवा क्षेत्र के लिए स्पष्ट पात्रता, भूखंडों के लिए एप्रोच रोड का प्रावधान और NBFC के माध्यम से ऋण के विकल्प बढ़ाकर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूती दी गई है।

रेत खदानों का आरक्षण: आपूर्ति संकट दूर करने के लिए अब सरकारी उपक्रमों (जैसे CMDC) को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी, जिससे निजी एकाधिकार खत्म होगा।

अवैध खनन पर नकेल: गौण खनिज नियम (2015) में संशोधन कर अवैध खनन पर भारी जुर्माने (25 हजार से 5 लाख रुपये तक) का प्रावधान किया गया है। 30 साल बाद खदानों के अनिवार्य भाटक दर में भी वृद्धि की गई है।

पशुपालन और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

दुधारू पशु योजना: अनुसूचित जनजाति सहित सभी सामाजिक वर्गों को दुधारू पशु प्रदाय योजना का लाभ मिलेगा।

टीकाकरण: पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए हैदराबाद की 'इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड' से सीधे टीके खरीदे जाएंगे। जनवरी 2027 तक के लिए यह अनुमति दी गई है।

पेंशन दायित्वों का निपटारा: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन भुगतान के अंतर को लेकर सहमति बनी है। मध्य प्रदेश शासन छत्तीसगढ़ को शेष 8,536 करोड़ रुपये की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में लौटाएगा।

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News
Trending News