इंदौर
भव्य श्रीमद्भागवत मंच से कथा वाचक डॉ. विवेकानन्द बाबाजी के मुखारविंद से बह रही है, ज्ञान की गंगा
sunil paliwal-Anil Bagora
अनिल बागोरा-वासुदेव पुरोहित
इंदौर. पितृदेवों की पुण्य स्मृति में एक भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन इंदौर में आयोजित आयोजन में दुर-दराज से श्रीमद्भागवत सुनने वालों का हुजूम उमड़ा पड़ा. दिनांक 16 मई से शुरू होकर आज अंतिम दिन 24 मई 2026 तक चलने वाली यह दिव्य धार्मिक महोत्सव सुप्रसिद्ध भागवत कथा वाचक डॉ. विवेकानन्द बाबाजी अपने मुखारविंद से कथा प्रेमियों को रसपान करा रहे हैं, श्रद्वालुजनों ने इस मौके पर रसपान किया वहीं मातृशक्तियों ने झुम-झुमकर नृत्य का आनंद लिया.






आयोजक मंडल के श्री पूनमचंद जोशी, सुरज जोशी (बंटी), और प्रिंस जोशी (राजू) ने पालीवाल वाणी को बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2. 00 बजे से शाम 5. 00 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में दुर-दराज से श्रद्वालुंजनों का हुजूम उमड़ रहा हैं. पालीवाल समाज इंदौर के पूर्व अध्यक्ष श्री मुकेश जोशी भी इस दौरान काफी सक्रिय दिखाई दिए.
नौ दिव्य कथा का संपूर्ण कार्यक्रम: कथा के भव्य आयोजन को नौ दिनों के विशेष प्रसंगों में विभाजित किया, जो इस प्रकार से था.
- प्रथम दिवस 16 मई, शनिवार उत्सव की शुरुआत अत्यंत भव्य और पवित्र मंगल कलश यात्रा के साथ संपन्न हुई, जिसमें पालीवाल समाज की मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया.
- द्वितीय दिवस 17 मई, रविवार को इस दिन पूज्य बाबाजी द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण की महात्म्य कथा का रसपान कराया गया.
- तृतीया दिवस 18 मई, सोमवार देवर्षि नारद जी के पूर्व जन्म का वृत्तांत एवं शुकदेव जी के दिव्य आगमन प्रसंग की कथा बताई गई.
- चौथा दिन 19 मई, मंगलवार इस दिन सती चरित्र एवं शिव-पार्वती विवाह के महोत्सव प्रसंग का जीवंत चित्रण शानदार रूप से प्रस्तृत किया गया.
- पंचम दिवस 20 मई, बुधवार अन्यत्र श्रीराम जन्मोत्सव और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम से मनाया गया. नंदघर आनंद भयो के भजनों पर अद्भुत धूम रही.
- षष्ठम दिवस 21 मई, गुरुवार भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजन एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया, जहां पर गोवर्धन नाथ जी को विशेष भोग लगाया.
- सप्तम दिवस 22 मई, शुक्रवार बौद्ध ने भगवान के विवाह उत्सव का आनंद लिया.
- अष्टम दिवस 23 मई, शनिवार को कल कथा के रेशमी दिन अमूर्त मित्रता के प्रतीक सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन से श्रद्वालुंजनों की आंखे नम हो गई और इसी के साथ मुख्य कथा का विश्राम दिया.
- नवम दिवस 24 मई, रविवार को नववें और अंतिम दिन पूर्णाहुति का कार्यक्रम चल रहा हैं. जिसके बाद विशाल महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन होगा, जिसमें आप सभी पालीवाल समाज बन्धुओ को सादर आमंत्रित किया गया हैं.

सहयोगी और विशेष व्यवसाय: इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में वृंदावन स्वीट्स एवं चाट-चौपाटी और वृंदावन बिल्डकॉन (बिल्डर्स एंड डिजीज) का विशेष सहयोग (प्रतिष्ठान) प्राप्त हो रहा हैं. प्रचारकों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में आज भंडारे में उपस्थित होकर पुण्य लाभ की अपील की है.















