इंदौर
इंदौर में कुल 11 इंच से अधिक बारिश दर्ज : मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भरा
paliwalwani
इंदौर. चालू मानसून सीजन में अब तक इंदौर में कुल 11 इंच से अधिक (लगभग 280 मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है. शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है.
बारिश से जुड़े मुख्य आंकड़े : बीते 24 से 48 घंटों में शहर में 6 इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है, वहीं कुछ हिस्सों में महज 9 घंटों के भीतर ढाई इंच बारिश तक दर्ज की गई है. यशवंत सागर बांध लगातार हो रही, बारिश से शहर के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर काफी बढ़ गया है.
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दोहरे सिस्टम के सक्रिय होने से पूरे मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान है. इसी बीच, लगातार हो रही बारिश और जलभराव के कारण स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया, डायरिया और टाइफाइड से बचने के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है.
इंदौर में एक सप्ताह से लगातार बारिश का दौर जारी है. पिछले तीन दिनों के भीतर ही शहर में छह इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है. इसे मिलाकर चालू मानसून सीजन में अब तक कुल 11 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. शुक्रवार की शाम को तेज बारिश होने के बाद रातभर से रुक-रुककर कहीं हल्की तो कहीं रिमझिम फुहारें गिर रही हैं. शनिवार सुबह भी मौसम का यही मिजाज बना हुआ है और आसमान में काले बादल छाए हुए हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि आज भी शाम तक शहर के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
शुक्रवार शाम को अचानक शुरू हुई तेज बारिश करीब दो घंटे तक लगातार जारी रही और फिर थम गई. इस अल्पावधि में ही मौसम केंद्र पर करीब ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके बाद देर रात को एक बार फिर रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जो सुबह तक चलता रहा. पिछले तीन दिनों से शहर का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया के लिए एडवाइजरी जारी की
मानसून के सक्रिय होते ही जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पेचिश, हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इन मौसमी बीमारियों का सबसे अधिक और सीधा असर बच्चों तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ता है इसलिए उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है.





