राजस्थान
ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 15 महिलाएं दबीं, 2 की मौत : घायल महिलाएं दर्द से कराहने लगीं
paliwalwani
भरतपुर.
भरतपुर जिले में जानवर को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 15 महिलाएं दब गईं। इनमें से 2 की मौके पर ही मौत हो गई। 13 घायल हो गईं। घायल महिलाएं दर्द से कराहने लगीं। हादसा वैर थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे हुआ।
आरोप है कि महिलाओं ने ड्राइवर से ट्रैक्टर धीरे चलाने के लिए कहा था, लेकिन वह स्पीड में दौड़ाता रहा। जिन 2 महिलाओं की मौत हुई हैं, उनमें ड्राइवर की पत्नी भी थी। 12 घायलों का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वहीं एक महिला घर चली गई।
थाना प्रभारी धीरेंद्र ने बताया- शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिलाएं रायपुर गांव की तरफ खेतों में कृषि कार्य के लिए जा रही थीं। रायपुर गांव के पास ट्रैक्टर के सामने अचानक एक जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिथलेश (45) पत्नी वीरेंद्र और धौरी (35) पत्नी दान सिंह की मौत हुई है। मृतका धौरी का पति दान सिंह ही ट्रैक्टर चला रहा था
पत्नी को हॉस्पिटल लेकर गया ड्राइवर, अन्य महिलाओं को छोड़ गया
वैर कस्बा निवासी मिथलेश (मृतका) के पति वीरेंद्र ने बताया कि ट्रैक्टर ड्राइवर दान सिंह का खेत है। गुरुवार सुबह वह अपनी पत्नी धौरी के साथ वैर कस्बे की जाटव बस्ती आया था। यहां से मेरी पत्नी मिथलेश सहित 14 महिलाओं को खेत में मजदूरी करने के लिए लेकर जा रहा था।
रास्ते में महिलाओं ने दान सिंह से ट्रैक्टर धीरे चलाने को कहा था, लेकिन उसने रफ्तार कम नहीं की। हादसे के बाद जब ट्रॉली हटाकर महिलाओं को बाहर निकाला, तब तक मौके पर मिथलेश और धौरी की मौत हो चुकी थी।
वीरेंद्र का आरोप है कि हादसे के बाद दान सिंह अपनी पत्नी धौरी को लेकर तुरंत हॉस्पिटल चला गया, जबकि बाकी घायल महिलाओं को मौके पर ही छोड़ दिया था।
राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से 12 घायलों को वैर हॉस्पिटल पहुंचाया। बाद में इन्हें आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। वहीं एक महिला को हल्की खरोंच आई थी। वह उठकर घर चली गई।
बयाना गेट जाटव बस्ती (वैर) निवासी मछला (38), आरती (25), मोहिनी (35), बर्फी (65), हरदेई (35), सत्तो (45), गुड्डी (40), नमकीन (38), सरोज (35), गोविंद (45), संतो (48) और आरती (36) का इलाज जारी है।
पसलियां टूट जाने से हुई मौत
मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि मिथलेश और धौरी के सीने में गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी कई पसलियां टूट गईं। सिर, हाथ और पैरों में भी गंभीर चोटें थीं। सीने और शरीर पर आई इन गंभीर चोटों के कारण दोनों महिलाओं की मौत हुई।





