Thursday, 02 July 2026

इंदौर

Indore City : असामाजिक तत्वों के दम पर कोर्ट के आदेश को चुनौती : ​व्यापारियों में भारी आक्रोश

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Indore City : असामाजिक तत्वों के दम पर कोर्ट के आदेश को चुनौती :  ​व्यापारियों में भारी आक्रोश
Indore City : असामाजिक तत्वों के दम पर कोर्ट के आदेश को चुनौती : ​व्यापारियों में भारी आक्रोश

क्रांतिकारी ​इंदौर

इंदौर. शहर के ह्रदय स्थल शीतलामाता बाजार में आज कानून व्यवस्था और खाकी की साख पूरी तरह तार-तार होती नजर आई। पिछले 60 सालों से एक बहुमंजिला और कीमती व्यावसायिक भवन में व्यापार कर रहे किरायेदारों को उजाड़ने के लिए मकान मालकिन और उनकी बेटी ने कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए सरेआम गुंडागर्दी का सहारा लिया।

व्यापारियों का सीधा आरोप है कि दोनों महिलाओं ने इस कीमती संपत्ति पर जबरन कब्जा करने और इसे तोड़ने का ठेका इलाके के कुख्यात असामाजिक तत्व सुनील परिहार को दे दिया। सुनील परिहार आज सुबह अपने तथाकथित गुंडों की फौज लेकर सरेआम हथौड़े चलाने पहुंच गया, और सबसे शर्मनाक बात यह रही कि इस पूरी वारदात के दौरान पुलिस का रोल पूरी तरह शून्य रहा।

​ हाई कोर्ट से मिला हुआ है स्टे आर्डर 

​इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू कानून और न्यायपालिका की सरेआम अवहेलना है। दरअसल, नगर निगम के रिमूवल विभाग ने पूर्व में इस भवन को खतरनाक घोषित कर तोड़ने का आदेश जारी किया था, जिसे चुनौती देने के लिए पीड़ित व्यापारी अदालत पहुंचे थे। व्यापारियों को निचली अदालत से राहत मिलने के बाद मामला माननीय हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टे स्थगन आदेश जारी कर 'यथावत स्थिति' बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए थे।

​असामाजिक तत्वों के दम पर कोर्ट के आदेश को चुनौती 

​व्यापारियों का कहना है कि जब हाई कोर्ट का स्टे ऑर्डर प्रभावी है, तो उसके बावजूद सुबह-सुबह सुनील परिहार और उसके गुंडे हथौड़े और औजार लेकर दुकान पर धमक गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। व्यापारियों ने कहा, "हमने अपनी कई पीढ़ियां इस जगह व्यापार करते हुए निकाल दीं। हम नियमित किराया दे रहे हैं। लेकिन मकान मालकिन और उनकी बेटी कानूनी रास्ता छोड़कर अब गुंडों के दम पर हमारा रोजगार और यह भवन छीनना चाहती हैं।"

 ​व्यापारियों में भारी आक्रोश 

​व्यापारियों ने रोष जताते हुए कहा, "हमने अपनी कई पीढ़ियां इस जगह व्यापार करते हुए निकाल दीं। हम नियमित किराया दे रहे हैं। जब देश की सबसे बड़ी प्रादेशिक अदालत (हाई कोर्ट) का स्टे ऑर्डर प्रभावी है, तो सुनील परिहार और उसके गुंडे पुलिस के सामने इतनी हिम्मत कैसे दिखा सकते हैं?" इस घटना के बाद से भंडारी मार्किट के समस्त व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

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