मध्य प्रदेश
MP Monsoon Alert : मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 48 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 6 जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी
Paliwalwani
भोपाल. जून 2026 में कमजोर पड़े मानसून ने जुलाई की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश में जोरदार वापसी की है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने आगामी 24 घंटों के लिए राज्य के 48 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी अनुमान जताया गया है।
प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है।इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित 42 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है।
विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, दतिया, रीवा, सतना, सागर और छतरपुर समेत कई जिलों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहा। देवास जिले के खातेगांव में 115 मिमी (करीब 4.5 इंच) बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा शिवपुरी और सीधी से होकर गुजर रही है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से 3 जुलाई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है।
इसके प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश के उन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जहां अब तक वर्षा सामान्य से कम रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा।





