Wednesday, 08 July 2026

इंदौर

मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर : इंदौर सहित 22 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट : कैसे आता है मानसून, कैसे बनते हैं बादल

Anil Bagora-Sunil Paliwal
मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर : इंदौर सहित 22 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट : कैसे आता है मानसून, कैसे बनते हैं बादल
मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर : इंदौर सहित 22 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट : कैसे आता है मानसून, कैसे बनते हैं बादल

Anil Bagora-Sunil Paliwal

इंदौर. मध्य प्रदेश में मानसून ने पूरी ताकत के साथ एंट्री मार दी है. मानसून ने मध्य प्रदेश को पूरे तरीके से कवर कर लिया है. भोपाल, इंदौर सहित हर जिले में बारिश का दौरा देखने को मिल रहा है. इसी बीच बिजली गिरने सहित हादसों की खबरें भी सामने आ रही है. अब तक कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. अब चूंकि इस बार मध्य प्रदेश में मानसून तय टाइम से देरी से आया था. ऐसे में मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी भरपाई के लिए मानसून अधिक समय तक सक्रिय रह सकता है. आर्टिकल में जानिए मानसून की गतिविधियां। 

कब तक एक्टिव रहेगा मानसून

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आमतौर पर मानसून का मौसम जून से सितंबर तक रहता है. इसलिए फिलहाल सितंबर तक इसके प्रभावी बने रहने की संभावना है. लेकिन मानसून की सक्रियता पूरी तरह मानसूनी ट्रफ की स्थिति पर डिपेंड करती है. ऐसे में बीच-बीच में कुछ दिनों के लिए बारिश कम हो सकती है. इसके बाद ट्रफ के अनुकूल होने पर बारिश का दौर फिर से तेज होने की संभावना रहेगी. सितंबर के बाद मानसून लौटना शुरु हो जाएगा। 

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव सामान्यतः जून से सितंबर 2026 तक रहता है. इस दौरान मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं रहता, बल्कि इसकी तीव्रता मानसून ट्रफ की स्थिति के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है. वहीं बीच-बीच में ब्रेक की स्थिति भी बन सकती है, लेकिन फिर मानसून दोबारा सक्रिय हो जाता है. मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई सामान्यतः सितंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक पूरी होती है। 

22 जिलों में होगी भारी बारिश

8 जुलाई सुबह 8:30 से 8 जुलाई सुबह 8:30 तक विदिशा, रायसेन, शहडोल और उमरिया जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, सीधी, रीवा, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, सिंगरौली, सतना और अनूपपुर सहित 22 जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात एवं तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा भोपाल सहित 28 जिलों में झंझावात, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। छुट्टियां व मौसमी आयोजन

8 जुलाई 2026 सुबह 8:30 से 9 जुलाई सुबह 8:30 तक रायसेन, गुना, अशोकनगर और सागर जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित 16 जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट है. वहीं भोपाल सहित 34 जिलों में झंझावात, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 

9 जुलाई 2026 सुबह 8:30 से 10 जुलाई सुबह 8:30 तक गुना और अशोकनगर में अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, श्योपुरकलां, कटनी, पन्ना, दमोह, सागर और छतरपुर सहित 13 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा सहित 39 जिलों में वज्रपात, झंझावात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। 

कैसे आता है मानसून, कैसे बनते हैं बादल

मानसून भारत में सबसे पहले केरल में पहुंचता है. मानसून के बनने का प्रोसेस भी काफी रोचक है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून गर्मियों में जमीन के तेजी से गर्म होने और समुद्र से उठने वाली नमी वाली हवाओं के कारण आता है. हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर हवाएं भारत की ओर आती हैं. नमी वाली हवाएं ठंडी होकर घने बादलों में तब्दील हो जाती हैं और बारिश होने लगती है. मानसून 15 जून से भारत में एक्टिव हो जाता है. जो सितंबर तक चलता है. सिंतबर के बाद मानसून विदा लेने लगता है। 

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