Friday, 29 May 2026

अपराध

दो पत्नियां, चार कत्ल और खूनी साजिश का ऐसा अंत : महिला कांड की सबसे बड़ी किरदार निकली

paliwalwani
दो पत्नियां, चार कत्ल और खूनी साजिश का ऐसा अंत : महिला कांड की सबसे बड़ी किरदार निकली
दो पत्नियां, चार कत्ल और खूनी साजिश का ऐसा अंत : महिला कांड की सबसे बड़ी किरदार निकली

अजमेर.

राजस्थान के अजमेर में एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है, जिसमें क्राइम, फैमिली ड्रामा और धोखे का ऐसा कॉम्बिनेशन दिखा कि पुलिस वाले भी कुछ देर के लिए कन्फ्यूज हो गए. हाइवे किनारे जलती हुई स्कॉर्पियो मिली. अंदर और बाहर चार लाशें पड़ी थीं. गांव में चीख-पुकार मची थी. और घर के अंदर बैठी एक महिला छाती पीट-पीटकर रो रही थी. लेकिन पुलिस का दावा है कि वही महिला इस पूरे कांड की सबसे बड़ी किरदार निकली.

कहानी अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके के श्रीरामपुरा गांव की है. गांव वालों ने सड़क किनारे एक स्कॉर्पियो को आग में जलते देखा. गाड़ी गांव से करीब 500 मीटर दूर खड़ी थी. लोगों ने पुलिस को सूचना दी. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया.

स्कॉर्पियो के अंदर तीन जली हुई लाशें थीं. एक शव गाड़ी के पास खेत में पड़ा मिला. पहले लगा कि शायद कोई बड़ा एक्सीडेंट हुआ है. लेकिन पुलिस को जल्द ही कहानी में गड़बड़ नजर आने लगी. मृतकों की पहचान पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी और रिश्तेदार महिमा चौधरी के रूप में हुई.

जब पुलिस बाहर जलती गाड़ी और शवों की जांच कर रही थी, तब राम सिंह की पहली पत्नी सुनीता घर में गांव की महिलाओं के बीच बैठकर जोर-जोर से रो रही थी. कभी बेहोश होने का ड्रामा, कभी छाती पीटना, कभी चीखना. गांव वालों को लगा कि महिला सदमे में है. आखिर एक ही रात में उसका पति, सास और परिवार के लोगों की मौत हो चुकी थी. लेकिन पुलिस का कहना है कि महिला मातम का ड्रामा कर रही थी.

शुरुआत में सुनीता ने पुलिस को बताया कि राम सिंह अपनी मां को सीने में दर्द होने पर अस्पताल लेकर गए थे. लेकिन फॉरेंसिक जांच में कहानी पलट गई. पुलिस को शवों पर चोट के निशान मिले. यानी मौत आग लगने से पहले हो चुकी थी. इसके बाद जांच का फोकस सड़क हादसे से हटकर हत्या पर चला गया.

पुलिस ने गांव वालों से पूछताछ शुरू की. तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए. और फिर जांच सीधे परिवार तक पहुंच गई. पता चला कि राम सिंह की दो शादियां थीं. पहली पत्नी सुनीता और दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी. दोनों एक ही घर में रहती थीं. पुलिस के मुताबिक, दूसरी शादी को लेकर घर में लंबे समय से तनाव चल रहा था.

अजमेर एसपी हर्षवर्धन के मुताबिक, घटना वाली रात घर में जोरदार झगड़ा हुआ था. पुलिस का आरोप है कि इसी झगड़े के बाद सुनीता ने अपनी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे के साथ मिलकर चार लोगों की हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि धारदार हथियारों से हमला किया गया.

हत्या के बाद शवों को घर से बाहर निकाला गया. फिर उन्हें राम सिंह की स्कॉर्पियो में रखा गया और हाइवे पर ले जाकर आग लगा दी गई, ताकि पूरा मामला हादसा लगे. पुलिस का कहना है कि जब जांच चल रही थी, तब आरोपी महिला पुलिस वालों के सामने ही बैठकर मातम मना रही थी. किसी को अंदाजा तक नहीं था कि शक की सुई उसी पर जाकर टिकेगी. एसपी ने कहा कि गांव वालों से मिली छोटी-छोटी जानकारियों और फॉरेंसिक जांच ने पूरी साजिश खोल दी.

चार कत्ल और फिर नकली आंसुओं का ड्रामा... अजमेर का यह मामला किसी क्राइम वेब सीरीज जैसा

अब पुलिस ने सुनीता, उसकी बेटी और बेटे को हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार और वारदात की पूरी टाइमलाइन जोड़ने में लगी है. इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. गांव में लोग अब भी यही चर्चा कर रहे हैं कि जिस महिला को सब दिलासा दे रहे थे, पुलिस उसी को चार हत्याओं का आरोपी बता रही है.

दो बीवियां, एक घर, लंबे समय से चल रहा विवाद, चार कत्ल और फिर नकली आंसुओं का ड्रामा... अजमेर का यह मामला किसी क्राइम वेब सीरीज जैसा लगता है, लेकिन पुलिस के मुताबिक यह पूरी तरह असली कहानी है. अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है. क्योंकि इस हत्याकांड के कई सवाल अभी बाकी हैं- हत्या की प्लानिंग कब हुई? क्या इसमें और लोग शामिल थे? और क्या परिवार के भीतर चल रहा विवाद इतना गहरा था कि उसने चार जिंदगियां खत्म कर दीं? फिलहाल अजमेर का यह केस पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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