'हीरामंडी' भव्यता में अव्वल पर चमक पड़ी फीकी
📅 01 May 2024, 04:53 PM
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✍️ paliwalwani
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संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज हीरामंडी- द डायमंड बाजार ओटीटी स्पेस की बहुप्रतीक्षित वेब सीरीजों में शामिल थी. इस सीरीज के साथ भंसाली ने ओटीटी स्पेस में कदम रखा है. ओटीटी के लिए संजय ने लाहौर की हीरामंडी में तवायफों की कहानी चुनी. आठ एपिसोड्स में रिलीज हुई सीरीज में मनीषा कोइराला सोनाक्षी सिन्हा समेत कई बेहतरीन कलाकार अहम किरदारों में हैं.
स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। हिंदी जुबां और रिवायतें हम नहीं सिखा सकते, इसके लिए आपको हीरामंडी (लाहौर में तवायफों का इलाका) जाना होगा। यह बात पहले एपिसोड के एक दृश्य में कुदसिया बेगम (फरीदा जलाल) लंदन से पढ़ाई करके लौटे अपने पोते ताजदार (ताहा शाह) से कहती हैं।
इस पर ताजदार कहता है कि वहां तो अय्याशी सिखाते हें। इस पर दादी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहती हैं, व्हाट नानसेंस। वहां तो सारे नवाब जाते हैं। वहां अदब सिखाते हैं, नफासत सिखाते हैं...और इश्क भी।
संजय लीला भंसाली इसके जरिए हीरामंडी में नवाबों की दुनिया और तवायफों के दबदबे के बारे में बता रहे हैं। यह वह दुनिया है, जहां नवाबों की अय्याशी उनके परिवार की महिलाओं को सहर्ष स्वीकार है।
तवायफ को महफिल सजाने के लिए बुलाया जाता है, लेकिन हीरामंडी में उन्हें मेहमान की तरह आमंत्रित भी किया जाता है और इज्जत बख्शी जाती है। किसी को एतराज तक नहीं होता। यह व्यवहार और आचरण भंसाली की हीरामंडी: द डायमंड बाजार की काल्पनिक दुनिया में ही संभव है।
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