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Amet News : आचार्य भिक्षु के साहित्य के पठन से आत्मा और चरित्र को पोषण मिलता है : आचार्य महाश्रमण
M. Ajnabee, Kishan paliwal
बाबूलाल बाबेल...✍️
आमेट.
सरदारगढ/राजसमंद. श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ आचार्य श्री महाश्रमण ने फरमाया कि सुनकर अध्यात्म होता है, सुनकर पाप हो जाता है। हम कितना ज्ञान सुनकर कर लेते हैं। प्रवचन चुने संवाद करें तो ज्ञान की वृद्धि होती है। कान के द्वारा हम किसी का दुख सुने, किसी की व्यथा कथा सुन ले तो सामने वाला धन्य होता है।
किसी से आशा हो और वह हमारी वेदना सुने तो संतोष मिलता है। स्रोत से श्रुत सिद्ध होता है कान की शोभा है, ज्ञान का श्रवण,अचारी श्री तुलसी आचार्य महाप्रज्ञ के प्रवचन शुद्ध स्पष्ट भाषा में होते थे। यह आचार्य की मानवता को एक रूप में ज्ञान की अद्वितीय सेवा थी। आंख से अच्छी किताबें पढ़े, अच्छे साहित्य का पठन हो तो आत्मा को खुराक मिलती है।
यह आचार्य भिक्षु त्रि शताब्दी वर्ष है। आचार्य भिक्षु के साहित्य के पठन से आत्मा और चरित्र को पोषण मिलता है।कान से अच्छी बात सुने ,जबान से अच्छी बात बोले, अच्छा सोचें, अच्छा काम करें, बुरे का वर्जन और अच्छे का अर्जन करें। आचार्य तुलसी दीक्षा शताब्दी वर्ष सामने है जैन-जैन आचार्य तुलसी के विचारों से जुड़े।
आचार्य इसलिए फरमाया कि कोबा अहमदाबाद से चातुर्मास की परि सम्पन्नता कर रविवार को कांकरोली में आगमन हुआ है। और यहां मुनि सुरेश कुमार के दर्शन हुए , मुनि सुरेश कुमार ध्यान, साधना, एकांतवास, तपस्या में इतने आगे बढ़ गए हैं। भीलवाड़ा में साथ थे। आज 4 वर्ष बाद पुनः मिलन हो रहा है।
मुनि की साधना आगे बढ़ती रहे, यही मंगल कामना। मुनि संबोध कुमार साहित्यकार- वक्ता है। कार्यक्रम अच्छे करवाते हैं। अच्छा विकास करें। साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा ने फरमाया कि तेरापंथ एक आचार्य केंद्रित धर्म संघ है ।आचार्य प्रवर जहां पधारते हैं। आस्था का सैलाब उमडता है। आज मेवाड़ के कांकरोली पदार्पण हुआ। यहां के रोम रोम में आस्था की झलक स्पष्ट देखी जा रही सकती है।
राजसमंद विधायक दिप्ती किरण माहेश्वरी ने कहा कि आचार्य प्रवर के राजसमंद आगमन पर यहा की धरा चरण स्पर्श से पुण्य हो गई है। आपके पदार्पण से हम ऊर्जामय हो उठे हैं। आचार्य प्रवर से निवेदन करते हुए आपने कहा कि अगर आपका चातुर्मास राजसमंद होता है, तो इस चातुर्मास की सफलता के लिए जैन समाज ही नहीं सर्व समाज आपके लिए समर्पित रहेगा। कार्यक्रम में तेरापंथ सभा कांकरोली तेरापंथ महिला मंडल कांकरोली एवं तेरापंथ युवक परिषद कांकरोली के साझे में संयुक्त रूप से स्वागत गितिका की प्रस्तुति देते हुए सभी ने 14 वर्ष बीते राम पधारे हैं, कांकरोली के अंबर पर सितारे हैं ...गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
वही इस अवसर पर ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा आचार्य प्रवर के समक्ष एक बहुत ही महत्वपूर्ण ज्ञान पूर्ण नाटिका का सफल मंचन किया गया इस मंचन की प्रस्तुति पर उपस्थित धर्म संसद ओम अर्हम के ध्वनि से गूंज उठा। आचार्य श्री महाश्रमण के 14 वर्ष बाद कांकरोली आगमन पर श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी संस्थान कांकरोली अध्यक्ष लाभचंद बोहरा ने विचार रखते हुए आचार्य प्रवर के समक्ष एक चातुर्मास कांकरोली फरमाए जाने की पुरजोर अपील की।
स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम अध्यक्ष विनोद बाफना ने दिया। ललित बसपना ने गीतिका के साथ अपनी भावना व्यक्त की। वही संस्थान के मंत्री धनेद्र मेहता ने अपने विचार रखते हुए आचार्य प्रवर से कांकरोली में चातुर्मास कराए जाने की पूरजोर मांग रखी। कार्यक्रम का संचालन दिनेश मुनि ने किया। 2 किलोमीटर लंबी स्वागत रैली निकाली: आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति मीडिया प्रभारी बाबूलाल बाबेल सरदारगढ़ ने बताया कि कांकरोली में आचार्य श्री के ठीक 14 वर्ष बाद आगमन पर धोइदां से कांकरोली तक करीब 2 किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रावक श्राविकाओ ने अपने आराध्य को अपने बीच पाते हुए सभी ने आचार्य श्री के अभिनंदन में पलक पावडे बिछा दिए। 2 किलोमीटर लंबे इस स्वागत रैली में 5000 से अधिक श्रावक श्राविकाओ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग का हुआ लोकार्पण
- आचार्य श्री के कांकरोली शहर में प्रवेश के दौरान नगर परिषद द्वारा पूर्व में घोषित 50 फीट रोड का नया नामकरण कर आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग दिया गया। इस नवीन आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग का लोकार्पण विधायक दिप्ती माहेश्वरी, नगर परिषद सभापति अशोक टांक एवं आचार्य श्री महाश्रमण के सानिध्य में मंगल पाठ के साथ हुआ।
उप प्रवर्तक कोमल मुनि पधारे आचार्य श्री दर्शनार्थ: रविवार को आचार्य श्री के प्रज्ञा विहार में प्रवास के दौरान दिन में श्रमण संघीय उप प्रवर्तक कोमल मुनि जी मसा, हर्षित मुनि मसा. साध्वी परमेष्ठी वंदना, साध्वी विश्व वंदना आदि ने पधारकर आचार्य श्री महाश्रमण के उपसनार्थ पधारे। इस आध्यात्मिक मिलन पर उप प्रवर्तक कमल मुनि महाराज साहब ने आचार्य महा श्रमण को जैन एकता का महान पुजारी बताया। साध्वी प्रमेष्ठी वंदना जी ने अभिवन्दना की।
ज्ञानशाला मेवाड़ अंचल ने रचा इतिहास: आचार्य श्री के अल्प प्रवास के बावजूद मेवाड़ अंचल ज्ञानशाला से 275 से अधिक ज्ञानार्थी एवं प्रशिक्षण ने यहा पहुंचकर आचार्य प्रवर के समक्ष रविवार मध्यान शानदार ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां दी । यह अपने आप में एक एतिहासिक कार्यक्रम रहा।आपने ज्ञानार्थी बालिका - बालकों से बारी बारी
तीसरा बोल, पंद्रहवा बोल, आठवां बोल साथ ही भक्तामर श्लोक, प्रतिक्रमण (अतिचार, पाठी) चौबीसी गीत सुने| सम्पूर्ण अंचल के आसींद,अकोला, आमेट,भीलवाड़ा, भीम, दौलतगढ़, देवगढ़, गंगापुर, कांकरोली, केलवा, नाथद्वारा,राजा जी का करेड़ा, राजनगर और उदयपुर से ज्ञानशाला संभागी आए।
10 वर्षीय बालक ने 8 की तपस्या का पचकान किया: अभिन अभिनंदन समारोह में मात्र 10 वर्षीय एक नन्हे मुन्ने बालक रुवांस धारीवाल ने रविवार को आचार्य श्री के श्री मुख से आठ की तपस्या का पचकान ग्रहण किया। यह अपने आप में एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि रही।
6 वर्षीय बालिका ने साध्वी का भेष धारण किया : आचार्य श्री महाश्रमण जब आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग का लोकार्पण समारोह से प्रज्ञा विहार की और गतिमान थे ।इस दौरान आचार्य श्री के स्वागत में उमड़े जन समूह में एक नन्ही 8 वर्षीय बालिका अपनी मम्मी के साथ साध्वी श्री का वेष धारण कर आचार्य श्री के स्वागत में हाथ जोड़ खड़े रही। नन्ही सी बालिका के साध्वी भेष में देखकर पूरी शोभायात्रा में यह बालिका एक आकर्षण का केंद्र बन गयी।
स्वागत समारोह में राजसमंद जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, विधायक दिप्ती माहेश्वरी, जिला जज भूपेंद्र स्नाढ्य, नगर परिषद सभापति अशोक टांक, उपसभापति चुन्नीलाल साहू ,भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष मानसिंह बारहट, राजसमंद पूर्व विधायक बंशीलाल खटीक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। तेरापंथी संस्थान मंत्री धनेद्र मेहता ने आभार व्यक्त किया।
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