Thursday, 28 May 2026

आमेट

Amet News : आमेट के मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा

M. Ajnabee, Kishan paliwal
Amet News : आमेट के मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा
Amet News : आमेट के मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संत नन्दादास महाराज को मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर आमेट की महन्ताई चादर ओढ़ाकर सम्मानित

आमेट. आमेट नगर स्थित मनोकामना सिद्ध मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर में संत नन्दादास महाराज की 24 वर्ष की धूणी शांति तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा, विशाल भण्डारा एवं महन्ताई चादर विधि कार्यक्रम का भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में आमेट सहित मेवाड़ क्षेत्र एवं राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महंत एवं धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतिम दिन मेवाड़ विरक्त संत सेवा संस्थान की ओर से विशेष महन्ताई चादर विधि समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संत नन्दादास महाराज को मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर आमेट की महन्ताई चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित संतों ने उन्हें शुभाशीष प्रदान करते हुए मंदिर की आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने की कामना की।

महन्ताई चादर विधि में मेवाड़ विरक्त संत सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत संत दास महाराज, महामंडलेश्वर महंत सीताराम दास महाराज, संस्थान के कोषाध्यक्ष महंत रामकृष्ण दास त्यागी, सचिव महंत राम सुरेश दास राधे बाबा सहित राजस्थान के अनेक स्थानों से आए स्थानधारी महंतों ने भाग लिया। सभी संतों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ चादर ओढ़ाकर संत नन्दादास महाराज का अभिनंदन किया।

सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। कथा में भक्ति, धर्म, सेवा,तपस्या और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा समापन पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठानों और संतों के सान्निध्य से माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया। आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग निभाया। नगरवासियों ने इसे आमेट की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का गौरवपूर्ण आयोजन बताया।

  • M. Ajnabee, Kishan paliwal
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