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सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त आचार संहिता लागू : सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा

📅 08 July 2026, 10:35 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 7 मिनट में पढ़ें
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सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त आचार संहिता लागू : सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा
सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त आचार संहिता लागू : सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा

भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी शासकीय सेवक सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट, टिप्पणी, फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री साझा, मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम जारी किए हैं। अब भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक कमेंट या विवादित चीजें शेयर करने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।

  1. सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा...!

मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारी अब नहीं कर पाएंगे भड़काऊ पोस्ट, सरकार ने जारी किया फरमान" : "मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त नियम जारी किए हैं। किसी भी विवादित या भड़काऊ पोस्ट को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। 

समझें क्या है पूरा मामला :  मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग के नियम सख्त कर दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आधिकारिक आदेश जारी किया है। कर्मचारी अब जातीय, धार्मिक या राजनीतिक तनाव फैलाने वाली पोस्ट नहीं कर सकेंगे। विवादित पोस्ट को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी उल्लंघन माना जाएगा। नियम तोड़ने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई दोनों हो सकती है।

मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अब सरकार की सीधी नजर रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में विस्तृत आदेश जारी किया है। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी शासकीय सेवक ऐसी सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे सामाजिक वैमनस्य फैलने का खतरा हो। सरकार ने इसे शासकीय सेवा आचरण का जरूरी हिस्सा बताया है।

भड़काऊ पोस्ट पर सख्त रोक फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब सभी प्लेटफॉर्म आदेश के दायरे में आते हैं। किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करना सख्त मना है। खास बात यह है कि सिर्फ पोस्ट करना ही नहीं, विवादित सामग्री को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियम उल्लंघन माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को अब सोशल मीडिया पर हर एक्टिविटी में सतर्क रहना होगा।  राजनीति से दूरी अनिवार्य आदेश के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा। किसी राजनीतिक अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करना भी नियम विरुद्ध होगा।

सरकार ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। इसका मकसद प्रशासनिक तटस्थता बनाए रखना है। ऑनलाइन बहस से बचने की सलाह इसके अलावा विभाग ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर होने वाली बहस और क्रॉस-कमेंट से भी दूर रहने को कहा है। तर्क है कि किसी भी सार्वजनिक टिप्पणी को सीधे सरकार की छवि से जोड़ा जाता है। इसलिए कर्मचारियों से संयम और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की अपेक्षा की गई है।

यह सलाह हर स्तर के कर्मचारी पर लागू होगी। नियम तोड़ने पर क्या होगा सामान्य प्रशासन विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसमें मप्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 और भारतीय न्याय संहिता दोनों लागू हो सकते हैं। यानी सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं, कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

सभी विभागाध्यक्षों को आदेश का तुरंत पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की मुख्य बातें एक नजर में जातीय और धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट पर पूरी तरह रोक रहेगी। विवादित पोस्ट को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी उल्लंघन माना जाएगा। साथ ही राजनीतिक दलों के समर्थन-विरोध में सोशल मीडिया इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऑनलाइन बहस और विवादित चर्चाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। नियम तोड़ने पर विभागीय के साथ कानूनी कार्रवाई भी संभव है। इस आदेश के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुनर्विचार करना होगा। 

  1. चुप हूँ सब जानता मगर हूँ मैं...ये न समझो कि बे-ख़बर हूँ मैं...!
  2. "मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त नियम जारी किए हैं। किसी भी विवादित या भड़काऊ पोस्ट को लाइक, शेयर या फॉरवर्ड करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ...!
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