इंदौर
पालीवाल समाज इंदौर के प्रथम पत्रकार स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी पुरोहित की 56 वीं पुण्यतिथि पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि : 'लड़खड़ाती दुनिया' का डिजिटल पुनर्जन्म
Anil Bagora-Sunil Paliwal
Anil Bagora-Sunil Paliwal
इंदौर. पालीवाल ब्राह्मण समाज इंदौर के प्रथम पत्रकार, निर्भीक कलमकार और दूरदर्शी विचारक स्वर्गीय श्री गणेशचन्द्र जी पुरोहित की 56वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्री चारभुजानाथ मंदिर, पालीवाल समाज धर्मशाला, महाराणा प्रताप मार्ग (हैमिल्टन रोड़) इंदौरमें एक गरिमामय पुण्य स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का सफल और ऊर्जावान संचालन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ मध्यप्रदेश के इन्दौर संभागीय अध्यक्ष चम्पालाल गुर्जर द्वारा किया गया।

चौथी पीढ़ी ने संभाली विरासत
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी पुरोहित के पड़पोते और परिवार की चौथी पीढ़ी के प्रतिनिधि नैवेद्य पुरोहित ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने अपने परदादा की पत्रकारिता की विरासत को डिजिटल युग में आगे ले जाने का संकल्प लिया। इसी कड़ी में, 1966 में स्थापित उनके साप्ताहिक पत्र 'लड़खड़ाती दुनिया' के पोस्टर का विमोचन कर इसे एक 'जियो-पॉलिटिकल मैगज़ीन' के रूप में पुनर्जीवित किया गया।

अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन
अतिथियों ने स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी के जीवन और उनके निर्भीक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उदयलाल व्यास (सेवानिवृत्त फिजिकल इंस्ट्रक्टर) उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि, "समाज की हर चीज़ में उनकी अग्रणी भूमिका रहती थी चाहे कलेक्टर से मिलना हो या कमिश्नर से उनके जाने से समाज में आज शून्य पैदा हो गया है, वे हर चीज़ बड़ी निर्भीकता से कहते थे।"
बालकृष्ण बागोरा (सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक) ने अपनी व्यक्तिगत स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि, "मामाजी के कलेक्टर कमिश्नर हर एक से उनके अच्छे संबंध थे। मेरे घर में शादी थी उस समय कंट्रोल का ज़माना होता था। घर में राशन की ज़रूरत मालूम पड़ी तो मामाजी कलेक्टर ऑफिस में गए वहां अपनी पहुंच से उन्होंने 25 किलो शक्कर उपलब्ध करवाई। ये सब आज भी मेरे स्मरण में है। वो ना केवल पत्रकार थे। परिवार के हर कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति रहती थी।"
स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी के सुपुत्र टाइम्स ऑफ इन्दौर के प्रधान संपादक राजेन्द्र पुरोहित ने भावुक होते हुए बताया कहा, "लोग कहते है आज मरा, कल तीसरा और सब खत्म हो जाता 56 साल बाद भी हम नहीं भूल पाए उन्हें। उस दौर में पिताजी 'पालीवाल' पत्रिका जो निकालते थे, वो राजस्थान से लेकर दिल्ली तक जाती थी। सोने की कीमत ज़्यादा होती थी और उनकी पत्रिका को निकालने की मासिक लागत ₹240 आती थी। लेकिन फिर भी वो कभी नागा नहीं करते थे। निरंतर जारी रखा।"
इसके अलावा मुख्य अतिथियों में नाथूलाल पुरोहित (से.नि. बीएसएफ), फतेहलाल जोशी (से.नि. उप प्राचार्य), भेरूलाल जोशी (अध्यक्ष, बिजनोल सहकारी संस्था) और भंवरलाल जोशी (से.नि. जिलाधीश कार्यालय) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। लोकतंत्र सेनानी मीसाबंदी ओमप्रकाश फरकिया एवं दैनिक स्वदेश के वरिष्ठ पत्रकार राजेश यादव ने भी अपने संबोधन में श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वरिष्ठजनों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पत्रकारिता, राजनीति और समाज सेवा से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। उपस्थित अतिथियों में सिंधी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी व पूर्व पार्षद श्यामलाल राजदेव, लोकतंत्र सेनानी मीसाबंदी ओमप्रकाश फरकिया, राजेन्द्र सचदेव, नंदकुमार चौहान, अशोक बडगुर्जर, दिनेश सालवी शामिल थे। इन्दौर प्रेस क्लब से उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश तिवारी और कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मीकांत पंडित ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
साहित्य और पत्रकारिता जगत से मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और 'साहित्यग्राम' के संपादक डॉ. अर्पण जैन 'अविचल', एस.आर. टाइम के प्रमुख सुनील जोशी, पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर के अध्यक्ष भूरालाल व्यास, उपाध्यक्ष मदनलाल बागोरा, पूर्व अध्यक्ष श्याम दवे, शिक्षा मंत्री एवं 'पालीवाल गौरव' पत्रिका के संपादक सुरेश दवे, भवन मंत्री मुकेश उपाध्याय, भंडार मंत्री धर्मनारायण पुरोहित, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश व्यास, कैलाश उपाध्याय, कांग्रेस नेता ईश्वर जोशी, रमेश व्यास तैराक, एडवोकेट लक्ष्मीनारायण बागोरा, गोपीलाल व्यास, 'पालीवाल वाणी' के संपादक अनिल बागोरा, वंदना जोशी 'रानी' 'पालीवाल समाज दर्पण' के प्रधान संपादक श्रवण डी. जोशी, सहित कई गणमान्यजन इस अवसर पर मौजूद रहे।

भविष्य की रूपरेखा
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि स्वर्गीय गणेशचन्द्र जी के विचारों को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए अगले कुछ वर्षों में दिल्ली के 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। साथ ही, हर महीने की 10 तारीख को उनके विचारों को डिजिटल माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।
अंत में शुभम व्यास ने सभी अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित जनों के लिए फलाहार और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी।









