Latest News
      1. नागदा-मेनारिया समाज नीमच के श्री चंद्रशेखर पानेरी अध्यक्ष-श्री राजेन्द्र बागोरा उपाध्यक्ष चुने गए      2. माँ शक्ति सेवा मंडल देगा माँ बिजासन के दरबार में नौ दिवसीय महाप्रसादी की निःशुल्क सेवा      3. पालीवाल समाज 44 श्रेणी की समाजसेविका श्रीमति केसर बाई बागोरा का निधन-अंतिम यात्रा आज      4. पालीवाल समाज की समाजसेविका श्रीमति लीलाबाई जोशी के निधन पर दी अनेक संगठनों ने श्रद्वाजंलि      5. आमेट पहुंचे अमेरिका के बर्नी मेयर गांधी अहिंसा का संदेश देने      6. आमेट तुलसी अमृत विद्या पीठ के 6 छात्रों का राज्य स्तर पर हुआ चयन

आमेट प्रवासी हस्तीमल ‘‘हस्ती’’ को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी का अखिल भारतीय पुरस्कार

M. Ajnabee, Kishan Paliwal ... ✍     Category: आमेट     23 Aug 2019 12:09 PM

आमेट। हस्तीमल ‘‘हस्ती’’ यह नाम आज हिंदी ग़ज़ल का पर्याय बन चुका है। बेहद आसान और बोलचाल की भाषा में ज़िंदगी के गहरे अर्थ बयान करने वाले हमारे समय के सबसे सशक्त ग़ज़लकार हस्तीमल, हस्ती, सृजनात्मक प्रतिभा को महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी ने रुपये एक लाख के डॉ राममनोहर त्रिपाठी अखिल भारतीय हिंदी सेवी सम्मान से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

अकादमी ने इनके पहले ग़ज़ल संग्रह ’क्या कहें किससे कहें’ को भी संत नामदेव पुरस्कार से सम्मानित किया था। आमेट प्रवासी हस्तीमल, हस्ती विगत 50 वर्षों से मुंबई में निवासरत् है। लगभग आधी सदी के काव्य सृजन के दौरान हस्ती जी को अनेक पुरस्कारों-सम्मानों से नवाज़ा गया। देश के सबसे बड़े गायकों ने उनकी रचनाओं को अपने स्वर दिए। अकादमी ने उन्हें अपना सम्मानित सदस्य बनाया। विश्वविद्यालयों में उनकी रचनाओं पर शोध हुए। पत्रिकाओं ने उनपर केंद्रित विशेषांक निकाले।

● हस्तीमल ‘‘हस्ती’’ जी ने किया सादगी को सार्थक

ख़ुद हस्तीजी ने दशकों तक कविता की श्रेष्ठ त्रैमासिकी युगीन काव्या का संपादन किया। इन तमाम उपलब्धियों के बीच हस्तीजी की सरलता, सहजता और सादगी अब भी वैसी ही है, जैसी सन ’70 के आसपास थी। जब वे ग़ज़लगोई का ककहरा सीख रहे थे। आज की चतुर दुनिया में हस्तीजी इस बात का प्रमाण हैं कि सरलता और सादगी की गोद में ही अच्छी और सार्थक शायरी पनप सकती है। समकालीन जीवन के तमाम पहलुओं पर पैनी नज़र रखनेवाला यह ग़ज़लकार निर्विवाद रूप से हमारे समय का प्रतिनिधि रचनाकार है। आपकी हर वो बात दिलों की गहराईयों तक छु जाती है, जो अब गजल के माध्यम से आम जनता को सुनना चाहते हो...वो हर शख्स ‘‘हस्ती’’ का दिवाना है। जो आपकी गजल सुन रहा है।
● पालीवाल वाणी ब्यूरो से-M. Ajnabee, Kishan Paliwal ... ✍
🔹 Whatsapp पर हमारी खबरें पाने के लिए हमारे मोबाइल नंबर 9039752406 को सेव करके हमें व्हाट्सएप पर Update paliwalwani news नाम/पता/गांव/मोबाईल नंबर/ लिखकर भेजें...
🔹 Paliwalwani News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
www.fb.com/paliwalwani
www.twitter.com/paliwalwani
Sunil Paliwal-Indore M.P.
Email- paliwalwani2@gmail.com
09977952406-09827052406-Whatsapp no- 09039752406
▪ एक पेड़...एक बेटी...बचाने का संकल्प लिजिए...
▪ नई सोच... नई शुरूआत... पालीवाल वाणी के साथ...