उत्तर प्रदेश
किराने की दुकान पर 9 महीने से हर रोज मिलता था ‘मल’, दुकानदार ने लगाया CCTV, राज से उठा पर्दा
Pushplata
Uttar Pradesh News: यूपी के सीतापुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक शख्स पर 9 महीने से किराने की दुकान पर मल फेंकने का आरोप है। दुकानदार पिछले 9 महीने से परेशान था, इसलिए उसने सीसीटीवी कैमरा लगाया। इसके बाद जब शख्स ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो एक ऐसे राज से पर्दा उठा, जिसे देखने के बाद उसके पैरों तेल जमीन खिसक गई। इसके बाद आरोपी की पहचान हुई और वह पकड़ा गया।
पुलिस का कहना है कि शख्स मानसिक रूप से विक्षप्त लग रहा है। पुलिस का कहना है कि वह 9 महीन से शख्स की दुकान पर मल फेंक रहा था।
खबर के अनुसार, आरोपी कांशीराम पिछले 9 महीने से दुकान पर मल फेंक रहा था। परेशान होकर दुकान के मालिक ने सीसीटीवी कैमरा लगवाया ताकि पता चल सके कि मामला क्या है। फिलहाल शरीफ के पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुलह कराया और मामले के खत्म किया। हैरान की बात ये है कि आखिर शख्स ऐसा हर रोज क्यों कर रहा था।
दरअसल, विकासनगर के खूबपुर के रहने वाले प्रेमशंकर गुप्ता की किराने की दुकान शाहजहांपुर मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास है। वे हर रोज सुबह 7 बजे दुकान खोलते थे। वे जब भी दुकान पर जाते तो शटर के पास मल मिलता था, वे हर रोज इसकी सफाई कर रहे थे। उन्होंने पता लगाने की कोशिश की हालांकि जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने दुकान पर सीसीटी कैमरा लगवाया। कैमरे में रिकॉर्ड सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चला कि एक शख्स बकायदा ई रिक्शा से आता था और गंदगी से भरी प्लास्टिक फेंककर चला जाता है। वह हर रोज गंदगी दुकान के शटर के पास फेंक जाता था। कई दिनों की रिकॉर्डिंग से पता चला कि काशीराम कॉलोनी निवासी शरीफ ई-रिक्शा से दूध की कैरेट लेकर जाता है और इसी समय वह ये हरकत करता है।
सीसीटीवी देखने के बाद प्रेमशंकर अपने बेटे श्यामजी व रामजी के साथ सुबह चार बजे दुकान के पास छिपकर बैठ गए, जैसे ही शरीफ गंदगी फेंकी उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना 112 पुलिस को दी। इसके बाद आरोपी को लेकर कचनार पुलिस थाने लेकर जाया गया। इस मामले में चौकी प्रभारी अतुल शुक्ल दोनों पक्षों को बुलाकर सुलह करा दी। रिपोर्ट के अनुसार, रीफ ई-रिक्शा से दूध की सप्लाई दुकानों पर करता है। वह दूध वाले कैरेट में ही गंदगी छिपाकर रखता था। दुकान के मालिक ने बताया कि हम उसे जानते भी नहीं थे, पता नहीं वह ऐसा क्यों कर रहा था।