राजसमन्द
श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ प्राण प्रतिष्ठा और रूद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन श्री देव मंगरी श्याम मंदिर में संपन्न
sunil paliwal-Anil Bagora
राजसमंद. श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ प्राण प्रतिष्ठा और रूद्र महायज्ञ का भव्य आयोजन 12 से 18 फरवरी 2026 तक श्री देव मंगरी श्याम मंदिर में संपन्न हुआ. 11 फरवरी को गणपति स्थापना एवं अनुष्ठान, शोभायात्र, भागवत कथा प्रारंभ 12 फरवरी से, जलयात्रा हेमाद्रि मंड़प प्रवेश, अग्नि स्थापना एवं यज्ञारंभ 16 फरवरी से, प्राण प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहुति 20 फरवरी से और महाप्रसादी प्रतिदिन 11 फरवरी से लेकर 20 फरवरी तक नियमित रूप से प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चला.



वहीं प्रतिदिन राजस्थान के प्रमुख भजन सम्राटों की ओर से शानदार भजनों की प्रस्तृति से सबका दिल खुश कर दिया, कई श्रद्वालुजन भजनों की धून पर नृत्य करते हुए भी दिखाई दिए. और सभी दिन प्रमुख रूप से आतिथियों ने आयोजन में आकार पूण्यलाभ लिया वही धर्मप्रेमी श्रद्वालुजन बोले कि ऐसा आयोजन हमने हमारेजीवन मे ंपहली बार देखा, कार्यक्रम की रूपदेखा बनाने वाले ने सभी पहुलओं पर बारीकी से अध्ययन कर आयोजन को सफल बनाने में राजगुरू परिवार का अहम किरदार रहा. आयोजक के रूप में समस्त ग्रामवासी, भक्तगण फियावड़ी, श्री देवनगरी श्याम भेरूनाथ एवं राजगुरू परिवार इंदौर (किशनपुरिया, राजस्थान) का विशेष और अतुल्य योगदान और सहयोग रहा. सफल आयोजन की चर्चा समस्त पालीवाल समाज में हो रही हैं.
इस अवसर पर परम श्रद्धेय श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज द्वारा कथा, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी के दिव्य आशीर्वचन, और 18-20 फरवरी को पूज्या देवी चित्रलेखा जी द्वारा भजन संध्या का आयोजन आयोजित किया गया. कार्यक्रम की पूरी कमान इंदौर के भाजपा नेता एवं युवा समाजसेवी श्री कान्हा राजगुरू ने संभाल रखी थी वहीं इंदौर के पत्रकार श्री ओम व्यास सहित कई समाजसेवियों ने व्यवस्था संभालने में अपनी सराहनीय भूमिका निभाई.


!! संपन्न कार्यक्रम की प्रमुख झलक !!
● आयोजन : श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ प्राण प्रतिष्ठा, रूद्र महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा.
● दिनांक : 12 से 18 फरवरी 2026 (कथा), 18 से 20 फरवरी (भजन).
● कार्यक्रम स्थल : श्री देव मंगरी श्याम मंदिर. फियावड़ी, जिला राजसमंद, राजस्थान
● कथावाचक : परम श्रद्धेय श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज.
● दिव्य सानिध्य : आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि जी (13 से 15 फरवरी).
● भजन संध्या : पूज्या देवी चित्रलेखा जी (18 से 20 फरवरी, दोपहर 3 से 6 बजे).



पालीवाल समाज इंदौर के कोषमंत्री श्री शिवलाल पुरोहित की कलम से...✍️
विदित हो कि श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ प्राण प्रतिष्ठा,रुद्रमहा यज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा दिव्य संतो के प्रवचन एवं लोक प्रसिद्ध राजस्थान के वरिष्ठतम श्रेणी के सभी भजन सम्राट जिन्होंने प्रतिदिन अपनी नई-नई प्रस्तुत दी. दस दिवसीय भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम जनमानस पर बनकर उभरा
दिव्य संतों के प्रेरणादायी प्रवचनों, लोकप्रसिद्ध भजन गायकों की मनमोहक भजन संध्या और सतत आध्यात्मिक वातावरण ने हजारों श्रद्धालुओं के हृदय को भक्ति रस से सराबोर कर दिया. प्रतिदिन उमड़ती भक्तों की भीड़ ने पूरे परिसर को एक पावन तीर्थ में परिवर्तित कर दिया, जहाँ भक्तजन भक्ति में लीन होकर नृत्य करते हुए भैरू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते रहे.
आयोजन की विशेषता इसकी अनुशासित एवं एकरूप व्यवस्था रही. प्रत्येक दिन उच्च गुणवत्ता युक्त, स्वादिष्ट भोजन प्रसादी की उत्कृष्ट व्यवस्था ने उपस्थित जनसमूह के मन में संतोष और प्रसन्नता भर दी. इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक आयोजन में जो व्यवस्था थी, वाकई में पहली बार ऐसी व्यवस्था देखने को मिली कि यहां मात्र एक ही नियम था कि सभी भक्त हैं, कोई वीआईपी नहीं हैं. सभी को एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करना है और एक जैसा प्रसाद ग्रहण करना हैं. जबकि कहीं जगह वीआईपी की व्यवस्था अलग रहती हैं.
श्री मंगरी वाला श्याम भैरवनाथ ने आदेश कर दिया कि मेरे दरबार में आए सभी मेरे भक्त है और सभी के साथ एक जैसा व्यवहार आदर्श सत्कार सम्मान होना चाहिए. सेवा, समर्पण और सुव्यवस्था का ऐसा अनुपम उदाहरण विरले ही देखने को मिलता हैं.
श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ जी के दरबार में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सेवा कार्य देने वाले सभी भक्तों और प्रतिदिन स्वादिष्ट प्रभु प्रसाद को बनाने वाले अन्नपूर्णा मां के परम भक्तों की पूरी टीम को साधुवाद. इस ऐतिहासिक आयोजन के सूत्रधार श्री कान्हा राजगुरु परिवार ने जिस निस्वार्थ भाव, विनम्रता और दूरदर्शिता के साथ यह विशाल कार्य संपन्न कराया, वह सचमुच प्रशंसनीय हैं. करोड़ों रुपये व्यय करने के पश्चात भी श्री कान्हा राजगुरु साहब का प्रशंसा से दूर रहना उनकी महानता और सादगी का परिचायक हैं. यह सब कान्हा राजगुरु परिवार पर श्री मंगरी श्याम भैरवनाथ की असीम कृपा का परिणाम रहा हैं.
ऐसी तपस्वी प्रवृत्ति और सेवा भावना को नमन करते हुए उनके पूज्य स्वर्गीय माता श्री-पिता श्री हमारे वरिष्ठ रहे समाजसेवी रहे, लोकप्रिय हस्ती के धनी श्री नाथूलाल जी राजगुरु साहब (ग्राम. किशनपुरिया-राजस्थान) आप श्री और परिवार ने जो इंदौर में नाम कमाया वह वाकई में अमित छाप रहेगी, ऐसी शख्सियत को कोटि-कोटि वंदन अभिनंदन चरण वंदन...।
निस्संदेह, यह दस दिवसीय अनुपम एवं भव्य आयोजन भक्ति, सेवा और सामाजिक एकता का स्वर्णिम अध्याय बनकर इतिहास के अमिट पन्नों पर सदा-सदा के लिए अंकित हो गया हैं.

निवेदक : इस भव्य ऐतिहासिक आयोजन में पधारे श्री मंगरी श्याम बाबा के सभी भक्तगण की ओर से श्री कान्हा राजगुरु एवं परिवार को बहुत-बहुत बधाईयां श्री मंगरी श्याम भैरव बाबा की कृपा हमेशा बनी रहे, यही बाबा से प्रार्थना
''विशेष बात जो दिल से कहना चाहता हुं...जो देखा और जो महशूस किया...वहीं बात आप तक पहुंचना चाहता हुं ताकि जो श्रद्वालुजन आयोजन में पधार नहीं सके...वो शब्दों के सहारे आयोजन की अदूभूत लीला ग्रहण कर सके...और साधुवाद राजगुरू परिवार इंदौर को अवश्य देना चाहिए...उन्होंने आयोजन में सभी प्रमुखजनों का स्नेह बनाए ंरखा, आश्चर्य है कि इतनी शक्ति कहां से प्राप्त की. हम तो इतना ही कहना चाहते है कि श्री कान्हा राजगुरु जी ने अपने पूर्वजों का दिया आशीर्वाद पूर्ण होने तक कार्य प्रारंभ दिवस से समाप्ति तक अन्न ग्रहण नहीं किया, आधुनिक युग के डोम तैयार किए गए. ठहरने के लिए आगंतुक भक्तों के लिए भागवत कथा और भोजन प्रसादी का बहुत ही आधुनिक युग का पांडाल तैयार किया गया. जिसकी चर्चा आज भी हो रही हैं.,,










