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Sanchar Sathi App: संचार साथी एप पर विपक्ष का घमासान; रिजिजू ने कहा, विपक्ष हर बात को मुद्दा बना रहा
Paliwalwani
नई दिल्ली. दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल फोन कंपनियों को बड़ा निर्देश जारी किया है। अब देश के हर स्मार्टफोन्स में 'संचार साथी' एप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। कंपनियों को इस नियम को लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे मोबाइल के IMEI से जुड़े किसी भी फर्जीवाड़े, फोन चोरी और फर्जी कॉल या धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी। वहीं विपक्ष इसे 'निगरानी' एप बता रही है। विपक्ष की तरफ से इस एप को हटाने की मांग की जा रही है। सरकार इसे सुरक्षा के लिए जरूर बता रही है। इस घमासान के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधा और हर बात को मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।
विपक्ष को नए मुद्दे खोजने की जरूरत नहीं: किरेन रिजिजू
संचार साथी एप को लेकर उठे विवाद पर केंद्र के संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की प्रतिक्रिया पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को नए मुद्दे तलाशने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि सरकार के पास पहले से ही कई महत्वपूर्ण विषयों की लंबी सूची मौजूद है, जिन पर संसद में चर्चा होनी है।
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर भी बहस होगी
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर भी बहस होगी और आगे की दिशा पर विचार किया जाएगा। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ नए मुद्दे लाकर संसद की कार्यवाही रोकना सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, "हर मुद्दा महत्वपूर्ण है, लेकिन अगर इन्हीं मुद्दों को संसद में व्यवधान के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा, तो यह ठीक नहीं है। हम विपक्षी नेताओं से बातचीत करेंगे, मैं पहले से ही उनसे संपर्क में हूं। हम उनके मुद्दों को कमतर नहीं आंक रहे, लेकिन देश में एक नहीं, कई अहम मुद्दों पर चर्चा जरूरी है"। रिजिजू ने दोहराया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए 'सुरक्षा कवच'
इसी मुद्दे पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हर स्मार्टफोन में पहले से ही कई एप मौजूद होते हैं। ऐसे में अगर एक ऐसा एप भी फोन में हो जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करे, तो इसमें समस्या क्या है? उनके अनुसार, इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने पिछली संसद सत्र में भी SIR को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि इसकी कोई शिकायत आम जनता से सामने नहीं आई। उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव में विपक्ष हार चुका है और करोड़ों वोटरों में से किसी एक ने भी यह नहीं कहा कि उसे मतदान करने से रोका गया। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के आरोप लगाकर पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती। इस बयान के बाद संचार साथी एप को लेकर जारी बहस और भी तेज हो गई है।





