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पश्चिम बंगाल में मौलवियों की सरकारी सैलरी बंद : सातवें वेतन आयोग को मंजूरी : महिलाओं को 3000 रुपये
paliwalwani
पश्चिम बंगाल.
पश्चिम बंगाल की कैबिनेट ने सोमवार को हुई अपनी दूसरी बैठक में राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 7 वें वेतन आयोग को लागू करना राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और इसे कैबिनेट में मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने महिलाओं के लिए 3,000 रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। साथ ही मदरसा विभाग तथा सूचना एवं संस्कृति विभाग के तहत चल रही धर्म-आधारित सहायता योजनाओं को धीरे-धीरे खत्म करने का फैसला किया है।
मदरसों की सहायता बंद
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि इसकेअलावा, कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों तथा अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभागों के तहत धार्मिक आधार पर दी जाने वाली सभी सहायक योजनाएं अगले महीने से बंद कर दी जाएंगी। ऐसे सभी छात्रवृत्ति कार्यक्रम केवल इस महीने तक ही जारी रहेंगे और 1 जून 2026 से रोक दिए जाएंगे।
सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि कैबिनेट ने 1 जून से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा लागू करने का भी निर्णय लिया है। हालांकि, बसों की संख्या बढ़ाने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है और मौजूदा सरकारी बस ढांचे का ही उपयोग किया जाएगा। राज्य का पूर्ण बजट जून में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि कुछ नई इलेक्ट्रिक बसें राज्य परिवहन व्यवस्था में जोड़ी जाएंगी।
महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य में अन्नपूर्णा भंडार परियोजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह योजना हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में शामिल थी।
बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा पैसा
उन्होंने कहा कि पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही महिलाओं के नाम स्वतः ही नई अन्नपूर्णा भंडार योजना से जोड़ दिए जाएंगे और राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं अब तक किसी योजना का लाभ नहीं ले रही थीं, वे नए पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।





