इंदौर
1391 कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान काम समान वेतनमान भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग : मस्टर कर्मचारियों की चर्चा का शोर
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इंदौर. आज कल कुछ शरारती कर्मचारी नहीं चाहते कि मस्टर कर्मचारियों का भला हो, जैसे हमें सब कुछ इनकी पहल पर मिल रहा हो...खुद के काले कारनामें किसी से छिपे नहीं है, फिर भी टांग आड़ने की आदत गई नहीं है...!
जब शरारती कर्मचारी गलत काम करता है, तो मस्टर कर्मचारी का संगठन ही इनके बचाव में खड़ा नजर आता है... उसके बाद भी इनकी नियत लुटेरों जैसी बनी हुई हैं, और ये कर्मचारी साथियों का भला कभी नहीं कर सकते है,.. फिर भी हमारी दुआ हैं कि आप मस्त रहो...! हमारा काम तो आज नहीं तो कल कोर्ट के माध्यम से हो जाएगा...और तुम्हें अच्छा करने का अवसर मिले भी तो मत करना....क्योंकि वो तुम्मारी फितरत में नहीं हैं.... आज कल ऐसी चर्चा निगम गलियारों में खुब सुनाई दे रही हैं... हर तरफ मस्टर कर्मचारियों की ही चर्चा का शोर ज्यादा सुनाई दे रहा हैं...!
सभी संगठन साथियों से निवेदन है किसी के भी कहने में ना आए...एक बार संगठन से चर्चा जरूर करें...
कुछ शरारती तत्व चाहते हैं कि हम अपने लक्ष्य से भटक जाए... इसलिए आप सभी से निवेदन है... संगठन आपको विश्वास दिलाता हैं...रजनीश शर्मा जी, प्रवीण तिवारी जी एवं मुन्ना कौशल जी महामंत्री एवं सभी संगठन पदाधिकारी की औद्योगिक न्यायालय एवं हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट एवं ओम प्रकाश जी खटके वकील साहब से कि गई चर्चा अनुसार 1391 कर्मचारियों में से एक भी कर्मचारी कम नहीं होगा...
क्योंकि मस्टर कर्मचारी संगठन के माध्यम से प्रकरण में जो निर्णय हुआ है... वह समान काम समान वेतन का हुआ हैं...इसलिए सभी कर्मचारी संगठन के साथियों निश्चित रहें, सभी को उनका हक मिलेगा...1391 कर्मचारियो ंका आदेश हुआ है, कोई मजाक नहीं है, कि निगम जो चाहेगा करेंगा और कोर्ट मौन रहेंगी...
जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि 1391 कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान का भुगतान करना हैं, कुछ लोग भ्रमित करने के लिए अलग-अलग बातें बताऐ जा रहे हैं...जिसको लेकर आप विचलित ना हो... आयुक्त महोदय को जिन अधिकारियों एवं कर्मचारीयों ने भ्रमित कर गलत जानकारी से अवगत कराया’है,...उन सभी के ऊपर आवमानना में लापरवाही किए जाने पर श्रम आयुक्त, आयुक्त महोदय से कठोर कार्रवाई की’मांग करेंगे ...और इनकी लापरवाही के चलते कोर्ट का आदेश का पालन नहीं करने के दोषी है...!






