इंदौर

निगम राजस्व अमले को 70 दिनों में 260 करोड़ वसूलने का लक्ष्य : राजस्व अमला परेशान वसूली कैसे करें

Anil Bagora
निगम राजस्व अमले को 70 दिनों में 260 करोड़ वसूलने का लक्ष्य : राजस्व अमला परेशान वसूली कैसे करें
निगम राजस्व अमले को 70 दिनों में 260 करोड़ वसूलने का लक्ष्य : राजस्व अमला परेशान वसूली कैसे करें

इंदौर :

लगातार वसूली वसुलने के बावजूद राजस्व अमले पर मानसिक रूप से अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा हैं. प्रतिदिन नित्य नए फरमानो से राजस्व अमला परेशान हो चुका हैं. राजस्व कर्मचारियों को वसूली के नाम उनकी पगार रोकना, वेतन काटना आम बात हो गई हैं. इन कर्मचारियों को राजस्व विभाग के द्वारा कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रहीं हैं. आए दिन जब मर्जी हो उस काम में झोंक दिया जाता हैं. बेचारे एआरओ के साथ-साथ बिल कलेक्टर और उनके सहायक को अवकाश के दिन भी काम पर लगा दिया जाता हैं.

राजस्व अमला विगत 6 सालों से इतना परेशान हो चुका हैं कि कई अधिकारी और बिल कलेक्टर ने अन्य विभाग में काम करने की अनुमति मांगी जा रही हैं, लेकिन उन्हें बदला नहीं जा रहा हैं. मजबूरी में कर्मचारी नौकरी छोड़ रहे हैं. साल में दो बार होने वाली मीटिंग प्रति माह आयोजित की जा रहीं हैं, और अमले को ऐसा प्रताड़ित किया जाता हैं कि मानो राजस्व विभाग में आकर कोई अपराध कर दिया.

नगर निगम इंदौर ने टैक्स वसूलने के लिए कमर कस ली है. जिसके लिए नगर निगम के राजस्व अधिकारियों का अमला घर-घर दस्तक दे रहा है. वहीं बड़े बकायेदारों के घरों की कुर्की भी की जा रही है. साथ ही नल कनेक्शन को काटने की भी कार्रवाई हो रही है. अगले 70 दिनों में नगर निगम को विभिन्न करों की करीब 260 करोड़ रुपए वसूली करनी है. इस लिहाज सभी 19 जोनों के बिल कलेक्टरों और एआरओ को प्रतिदिन 37 करोड़ रुपए की वसूली करनी है यानी हर जोन को करीब 2 करोड़ रुपए. पिछले दिनों में लापरवाही दिखाने वाले दो एआरओ नप भी गए. आयुक्त ने उनके वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं.

निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य संबद्ध विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बड़ी बैठक ली. जिसमें उन्होंने 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में 750 करोड़ रुपए की वसूली करने का लक्ष्य दिया गया. इसमें से 490 करोड़ रुपए की वसूली गत 1 अप्रैल 2022 से अब तक हो चुकी है। शेष 260 करोड़ रुपए आने वाले 70 दिनों में वसूल करना है. यानी सभी 19 जोनों में से प्रत्येक को प्रतिदिन 2 करोड़ रुपए की वसूली करना है। 

राजस्व अपर आयुक्त अभिषेक गेहलोत ने बताया कि संपत्ति व जलकर वसूली में लापरवाही दिखाने पर जोन 2, 4, वार्ड क्र. 84, 18, 19 के बिल कलेक्टरों का वेतन रोकन के निर्देश दिए. जोन 14 के एआरओ सुरेंद्र खरे भी नप गए. उनका वेतन भी रोका जाएगा. 

करदाताओं की सुविधा के लिए आयुक्त के निर्देश पर वार्डवार शिविर लग रहे हैं. इनमें करों संबंधी समस्या का निराकरण किया जाएगा और करों की वसूली भी होगी. राजस्व प्रभारी निरंजनसिंह चौहान ने बताया कि शिविर में करदाताआ अपने बकाया संपतिकर, जलकर, कचरा प्रबंधन शुल्क का मौके पर ही भुगतान कर सकेगे.

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