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अचानक युद्ध विराम क्या 'इस' वजह से हुआ?

📅 12 May 2025, 10:27 AM • ✍️ डॉ. सुशीम पगारे • ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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अचानक युद्ध विराम क्या 'इस' वजह से हुआ?
अचानक युद्ध विराम क्या 'इस' वजह से हुआ?

डॉ. सुशीम पगारे

भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम जब अचानक युद्ध विराम की घोषणा हुई तो सारा विश्व हतप्रभ रह गया।करोड़ों भारत वासी भी आश्चर्यचकित थे।जब भारत जीत रहा था तो क्यों अमेरिका के कहने पर युध्द रोक दिया गया?लोगों को नेहरू की 1948 और इंदिरा गांधी की 1971की गलतियां याद आ गईं।

हर कोई युद्ध विराम के वास्तविक कारण की तलाश में है। यदि हम 9 और 10 मई की दरमियानी रात के घटनाक्रम की टाइम लाइन के अलग-अलग बिंदुओं को जोड़ें और कुछ खाका खींचे तो बहुत कुछ समझा जा सकता है कि युद्ध आखिरकार अचानक क्यों रुक गया?

आइए 9 मई की रात 12 बज़े से लेकर 10 मई की अल सुबह 4 बज़े  के घटना क्रम पर नज़र डालें।पाकिस्तान द्वारा भारत में 9 मई को जो हमले किए गए उसके बाद सूत्रों के अनुसार भारत ने कुछ बड़े और कड़े निर्णय लिए।भारत ने पाकिस्तान के 10-11 एयर बेस जैसे नूरखान,रफिकी, सक्खर,मुरीद,सियालकोट,पसरूर,चुनियान,सरगोधा,स्कार्दू,भोलारी,जैकोबाबाद आदि पर मिसाइल / ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किये।इनका मकसद पाकिस्तान की मारक क्षमता को निर्णायक नुकसान पहुंचाना था।

इनमें सूत्रों के अनुसार सरगोधा पर किया गया हमला ऐसा था जिसने सारे विश्व को हिला दिया। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा में किराना की पहाड़ियां हैं।1970 में पाकिस्तान ने जब परमाणु बम बनाने की जुगत भिड़ाना शुरू की तो पाकिस्तान की वायु सेना ने किराना की पहाड़ियों का अधिग्रहण कर लिया। 1978-79 में पाकिस्तानी आर्मी की इंजीनियर कोर ने किराना की इन पहाड़ियों में न्यूक्लियर टेस्ट  के लिए सुरंगों का निर्माण शरू किया।

पाकिस्तान ने अमेरिका के दबाव में यह स्वीकार किया है कि 100 से 150 फ़ीट गहरी वहां 46 सुरंगें हैं।निश्चित ही ये सही आंकड़ा नहीं होगा।इन किराना पहाड़ियों की सुरंगों में पाकिस्तान ने जनरल जिया उल हक के कार्य काल में परमाणु परीक्षण भी किए और इन टनल्स को  हथियारों का भण्डार भी बनाया।

अब लौटते हैं 9 और 10 मई की दरम्यानी रात पर।सरगोधा की किराना की पहाड़ियों में देर रात कुछ ऐसे धमाके हुवे की उसने इन सुरंगों को काफी नुकसान पहुंचाया।अब एक ख़बर पढ़ें..."भारत पर ड्रोन हमले करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान में 9 मई की देर रात अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए ।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4 बताई जा रही है। एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया है कि भूकंप देर रात करीब 1 बजकर 44 मिनट पर आया।" रिचर स्केल पर इसकी तीव्रता 4 थी।इसके एक डेढ़ घण्टे बाद 5.7 की तीव्रता का भूकम्प आया।

जब जमीन के अंदर न्यूक्लियर धमाके किये जाते हैं(इस प्रकरण में लगता है हो गए) तो भूकम्प की रेंज कुछ ऐसी ही होती है।ये भी सूचनाएं आ रही हैं कि ये भूकम्प,प्राकृतिक भूगर्भीय हलचल से नहीं आए।

इस घटना ने पर्दे के पीछे सब को हिला दिया।अमेरिका युद्ध विराम के लिए भारत के पीछे लग गया।भारत ने कहा हमारी शर्तों पर ही युद्ध विराम होगा।ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान कुछ कहते उसके पहले ही युद्ध विराम घोषित कर दिया।चीन अलग-थलग पड़ गया तो उसने पाकिस्तान की खूब लू उतारी।चीन को समझाने के लिए पाकिस्तान ने सीजफायर के बाद भी शनिवार रात भारत पर हमले किये।फिर प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने रात को देश को दिए गए सम्बोधन में चीन की खूब तारीफ की।

  • लेखक इतिहास के प्रोफेसर हो कर सम-सामयिक मामलों के जानकार भी हैं.
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