स्मॉल सेविंग स्कीम PPF और सुकन्या : जानें कौन सी योजना है ज्यादा फायदेमंद?
नई दिल्ली. एक स्मार्ट निवेशक (Smart Investor) वही है, जो फ्यूचर (Future) को ध्यान में रखकर निवेश (Investment) करता है। निवेश के कई तरीके हैं लेकिन कुछ सरकारी स्कीम आम लोगों के बीच काफी चर्चित हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund.) यानी पीपीएफ (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) भी शामिल हैं। इन दोनों स्मॉल सेविंग स्कीम पर सरकार ब्याज देती है। आइए डिटेल में जानते हैं कि दोनों स्कीम में किसकी ब्याज दर ज्यादा है।
पीपीएफ : केंद्र सरकार की यह योजना नौकरीपेशा लोगों के बीच फेमस है। इसमें निवेशक कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। इसके बाद भी 5 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। अकाउंट में आंशिक निकासी और लोन की सुविधा भी निवेशकों को मिलती है।
ब्याज दर की बात करें तो 7.1 प्रतिशत है। हाल ही में सरकार ने एक जनवरी, 2024 से शुरू चौथी तिमाही के लिए ब्याज दर पर फैसला लिया था। इसके तहत ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा गया। पीपीएफ अकाउंट किसी डाकघर, सरकारी या कुछ प्राइवेट बैंकों में खोले जा सकते हैं। इस अकाउंट में जमा रकम पर मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है।
सुकन्या समृद्धि योजना : बेटियों के लिए शुरू की गई इस योजना को सिर्फ 250 रुपये के निवेश के साथ शुरू कर सकते हैं। प्रति वर्ष अधिकतम 1.50 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं। 10 वर्ष से कम उम्र की लड़की के लिए यह अकाउंट माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं। योजना के तहत किया गया निवेश आयकर अधिनियम के तहत धारा 80C के अंतर्गत कर योग्य आय से घटाया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी।
बता दें कि सरकार हर तिमाही में डाकघर और बैंकों द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अधिसूचित करती है। सरकार ने पिछली बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही के लिए कुछ योजनाओं में बदलाव किया था।
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