दिल्ली
गैस बुकिंग पर आया नया अपडेट, इन उपभोक्ताओं की बंद की गईं सेवाएं : केवाईसी के कारण नहीं हो पाई बुकिंग
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आगरा. खाड़ी देशों में युद्ध के चलते एलपीजी की दिक्कत हो रही है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने बीते 9 महीने में कोई सिलिंडर नहीं भरवाया है। उनको नए सिरे से केवाईसी करना पड़ेगा। इसके बाद ही बुकिंग हो सकेगी।
एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन आगरा संभाग के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि बीते कई दिनों से खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। ऐसे में वह लोग भी सिलिंडर की बुकिंग कर रहे हैं, जिन्होंने बीते 9 महीने में एक बार भी सिलेंडर नहीं लिया है। ऐसे कनेक्शन की सेवाएं अभी बंद कर दी हैं। इनको नए सिरे से केवाईसी करना होगा। इसके बाद ही इनको बुकिंग होगी।
इससे पता किया जाएगा कि यह कनेक्शन सुचारू रूप से संचालित है या भी नहीं। इनमें अधिकांश पीएनजी धारक हैं जो गैस की किल्लत के बीच में बुकिंग कर रहे हैं। इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन के जिला नोडल अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है। पीएनजी धारक को अपना एलपीजी कनेक्शन त्यागना होगा। वह अनावश्यक बुकिंग करके सर्वर पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं से अपील लेकर हुए कहा कि अनावश्यक बुकिंग न करें और एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर करें।
केवाईसी के कारण नहीं हो पाई बुकिंग
कुरुक्षेत्र। घरेलू एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी के दौरान ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। कई गैस एजेंसियों के बाहर दिनभर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जहां उपभोक्ताओं की केवाईसी पूर्ण न होने के कारण बुकिंग नहीं कराई जा सकी और अनेक लोग बैरंग लौटने को मजबूर हुए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी या केवाईसी सत्यापन की समस्या के कारण उन्हें व्यक्तिगत रूप से एजेंसियों पर जाना पड़ रहा है। यहां भी केवाईसी के लिए अलग से प्रक्रिया और लंबी प्रतीक्षा के कारण परेशानी बढ़ गई। बुजुर्ग और महिला उपभोक्ता विशेष रूप से प्रभावित हुए, जिन्हें घंटों खड़े रहना पड़ा। कुछ लोगों ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे थे लेकिन केवाईसी न होने पर बुकिंग रद्द कर दी गई।
इस बीच प्रशासन ने घरेलू गैस सिलिंडरों के होटल, ढाबा आदि में व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती बरतते हुए छापा मारने का अभियान तेज कर दिया है। जिला प्रशासन ने विशेष टीमें गठित की हैं, जो फील्ड में उतरकर जांच कर रही हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों पर जहां घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह कदम किल्लत और कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है।
डीएफसी नरेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों में जिलेभर में पहले से बुक किए गए करीब पांच हजार सिलिंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। हालांकि केवाईसी और सत्यापन संबंधी मुद्दों के कारण नई बुकिंग प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है और कोई कमी नहीं है लेकिन व्यावसायिक उपयोग पर रोक के कारण कुछ असुविधा हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 40 दिन में तो शहरी क्षेत्र में 25 दिन में मिलेगा सिलिंडर
गैस संकट को देखते हुए प्रशासन ने सिलिंडर वितरण के लिए नई पॉलिसी बना दी है। इसके कारण अब एजेंसियों के बाहर सिलिंडर वितरण व दोबारा बुकिंग करवाने के लिए रोटेशन का नोटिस लगा दिया है। नोटिस के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता अब एक बार सिलिंडर मिलने के बाद 40 दिन बाद ही नया सिलिंडर बुक कर पाएंगे, उन्हें उसके बाद ही नया सिलिंडर मिल पाएगा। वहीं शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए यह समय-सीमा 25 दिन की रखी गई। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में जो संयुक्त परिवार में रहते हैं और उनके पास गैस का एक ही कनेक्शन है, उनकी समस्या बढ़ गई है।





